पेरिस पैरालम्पिक : धरमबीर ने एशियाई रिकॉर्ड के साथ क्लब थ्रो में जीता स्वर्ण पदक, प्रणव सूरमा को मिला रजत

पेरिस, 5 सितम्बर। पेरिस पैरालम्पिक खेलों में पदक स्पर्धाओं का सातवां दिन भारतीय दल के लिए काफी फलदायक रहा, जब उसके खिलाड़ियों ने दो स्वर्ण और दो रजत सहित कुल चार पदक जीते। इस प्रकार बुधवार की स्पर्धाओं के समापन के बाद पैरालम्पिक खेलों में अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का भारतीय अभियान 24 पदकों (पांच स्वर्ण, नौ रजत, 10 कांस्य) तक जा पहुंचा। इसी कड़ी में भारत पदक तालिका में 13वें स्थान पर पहुंच गया।

क्लब थ्रोअर धर्मबीर ने नए एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक तो उनके साथी स्पर्धी प्रणव सूरमा ने रजत पदक जीतकर क्लब थ्रो की F51 स्पर्धा भारत का दबदबा कायम कर दिया। इसके पूर्व हरविंदर सिंह इतिहास रचते हुए स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय तीरंदाज बन चुके थे तो विश्व चैम्पियन गोला प्रक्षेपक सचिन सरजेराव खिलारी ने गोला प्रक्षेप की F46  स्पर्धा में एशियाई रिकॉर्ड के साथ रजत पदक जीता था।

विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक विजेता रहे सोनीपत के 35 वर्षीय कद्दावर एथलीट धरमबीर पहले चार प्रयासों में फाउल कर बैठे थे, लेकिन उन्होंने पांचवें प्रयास में 34.92 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक पक्का कर लिया।

इसके बाद, सूरमा ने अपने पहले प्रयास में 34.59 मीटर का थ्रो किया, लेकिन फरीदाबाद का यह 29 वर्षीय खिलाड़ी धरमबीर को पीछे नहीं छोड़ सका। सूरमा के रजत पदक जीतने के साथ ही भारत ने इस मुकाबले के पहले दो स्थानों पर कब्जा कर लिया।

सूरमा की रीढ़ की हड्डी में 16 वर्ष की उम्र में उस समय चोट लग गई थी, जब उनके सिर पर सीमेंट शीट गिर गई थी। सर्बिया के फिलिप ग्राओवाक ने अपने दूसरे प्रयास में 34.18 मीटर का थ्रो कर कांस्य पदक जीता।

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