वायु प्रदूषण : केंद्र ने दिल्ली-एनसीआर में गैर जरूरी निर्माण कार्य और प्रदूषण करने वाले वाहनों पर लगाई रोक

नई दिल्ली, 14 जनवरी। केंद्र सरकार ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बिगड़ती वायु गुणवत्ता के बीच क्षेत्र में गैर जरूरी निर्माण कार्य और बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल चार पहिया वाहनों के सड़कों पर दौड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

रविवार को पूर्वाह्न दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक

450 से ज्यादा

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निबटने की रणनीतियां बनाने और उनके क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार वैधानिक निकाय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने रविवार को इस आशय का आदेश जारी करते हुए कहा कि प्रतिकूल जलवायु संबंधी परिस्थितियों और स्थानीय प्रदूषण स्रोतों के कारण दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (पूर्वाह्न 10 और 11 बजे क्रमश: 458 और 457) काफी बढ़ गया है।

लंबे समय तक वायु गुणवत्ता खराब रहने का अनुमान लगाते हुए समिति ने तुरंत ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ (ग्रैप) के तीसरे चरण के प्रतिबंध लागू करने का फैसला किया है। प्रतिबंधों में क्षेत्र में गैर जरूरी निर्माण कार्य और बीएस-3 पेट्रोल तथा बीएस-4 डीजल चार पहिया वाहनों के सड़कों पर दौड़ने पर रोक शामिल है।

राष्ट्रीय सुरक्षा या रक्षा, राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं, स्वास्थ्य देखभाल, रेलवे, मेट्रो रेल, हवाई अड्डों, अंतर-राज्यीय बस टर्मिनल, राजमार्ग, सड़क, फ्लाइओवर, पुल, बिजली ट्रांसमिशन पाइपलाइन, सफाई और जल आपूर्ति से जुड़े निर्माण कार्य को प्रतिबंध से छूट दी गई है।

ग्रैप सर्दियों के दौरान क्षेत्र में लागू की जाने वाली केंद्र की वायु प्रदूषण नियंत्रण योजना है। इसमें चार चरणों के तहत प्रतिबंधों को वर्गीकृत किया गया है : पहला चरण – ‘खराब’ (एक्यूआई 201-300), दूसरा चरण – ‘बहुत खराब’ (एक्यूआई 301-400), तीसरा चरण – ‘गंभीर’ (एक्यूआई 401-450) और चौथा चरण – ‘अत्यधिक गंभीर’ (एक्यूआई 450 से अधिक) है।

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