जिम्बाब्वे : स्‍कूल बंद होने से कम उम्र की लड़कियां हो रहीं प्र‍ेग्‍नेंट! सरकार बना रही नया कानून

नई दिल्ली, 28 मई। दक्षिण अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे में कोरोना महामारी के बीच कम उम्र की लड़कियां अब तेजी से प्रेग्‍नेंट हो रही हैं। इसकी बड़ी वजह है यह है कि इस देश में कानूनी रूप से शादी के लिए कोई उम्र तय नहीं है, जिसके चलते यहां यौन संबंध आम बात है। वहीं कोरोना के चलते यहां लंबे समय से स्‍कूल बंद हैं तो यह समस्‍या और भी गहरी हो गई है।

जिम्बाब्वे में शादी की न्यूनतम आयु को लेकर कोई कानून नहीं

दरअसल जिम्बाब्वे की परम्परा के अनुसार देश में शादी के लिए दो कानून हैं। एक है विवाह एक्‍ट और दूसरा है ट्रेडिशनल मैरिज एक्‍ट। लेकिन इनमे कोई भी कानून विवाह की सहमति के लिए यह नहीं बताता कि शादी करने के लिए न्यूनतम आयु क्‍या होनी चाहिए। वहीं, ट्रेडिशनल मैरिज एक्‍ट बहुविवाह की अनुमति भी देता है, जिसके चलते यह समस्‍या कोरोना काल में थोड़ी और गहरी हो गई है।

डेढ़ करोड़ की आबादी वाले देश में मार्च, 2020 से ही लॉकडाउन

डेढ़ करोड़ की आबादी वाले इस देश में मार्च, 2020 से ही लॉकडाउन लगा है। देश में पहले छह महीने के लिए स्कूलों को पूरी तरह बंद कर दिया था और उसके बाद बीच-बीच में उन्हें फिर से खोल दिया गया था। विशेष रूप से लड़कियों को ऐसे ही छोड़ दिया गया और गर्भ निरोधक दवाएं और क्लीनिकों तक इनकी पहुंच खत्‍म कर दी गई थी, जिससे यहां लडकियां तेजी से प्रेग्‍नेंट होने लगीं।

अब नए कानून की तैयारी

इस गंभीर समस्या के चलते अब एक नया विवाह विधेयक बहस के लिए संसद के समक्ष रखा गया है। यह कानूनों को सही तरीके से पहले बनाने, वहीं 18 वर्ष से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति के विवाह पर प्रतिबंध लगाने और नाबालिग की शादी में शामिल किसी के खिलाफ मुकदमा चलाने की भी अनुमति देता है।

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