एफआईएच हॉकी महिला जूनियर विश्व कप : इतिहास नहीं रच सका भारत, सेमीफाइनल में नीदरलैंड्स से परास्त

पोचेफस्ट्रूम (दक्षिण अफ्रीका), 10 अप्रैल। भारतीय महिला हॉकी टीम यहां एफआईएच हॉकी महिला जूनियर विश्व कप में रविवार को इतिहास रचने से चूक गई और उसे सेमीफाइनल में नीदरलैंड्स के हाथों 0-3 परास्त होना पड़ा।

अजेय रहते हुए सेमीफाइनल तक पहुंची थीं भारतीय महिलाएं

चौथी बार इस वैश्विक स्पर्धा में भागीदारी का अवसर पाने वाली भारतीय टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वर्ष 2013 में रहा था, जब उसने कांस्य पदक जीता था। इस बार सलिमा टेटे की अगुआई में उतरी टीम ने अजेय रहते हुए सेमीफाइनल का सफर तय किया था। इस क्रम में भारतीयों ने लीग चरण के तीनों मैचों में क्रमशः वेल्स (5-1), शक्तिशाली जर्मनी (2-1) और मलेशिया (4-0) को शिकस्त देने के बाद क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया को 3-0 से हराया था।

वैसे यह पहले से ही तय था कि भारतीयों की शक्तिशाली डच महिलाएं कड़ी परीक्षा लेंगी, जो एक भी गोल खाए बिना विपक्षी टीमों पर 43 गोल ठोककर सेमीफाइनल खेलने उतरी थीं। हालांकि भारतीय टीम ने तीन क्वार्टर तक में नीदरलैंड्स का मजबूती से सामना किया, जिसे सिर्फ 1-0 की बढ़त हासिल थी। लेकिन अंतिम क्षणों में विजेताओं ने और दो गोल ठोक दिए।

मध्यांतर के वक्त एक गोल से पीछे थी भारतीय टीम

नीदरलैंड्स ने 11वें मिनट में टेसा बीट्समा के जमीनी गोल से अग्रता ले ली थी। इसके बाद भारतीयों ने कड़ी चुनौती पेश की और अगले अगले दो क्वार्टर तक अपना दुर्ग बचाए रखा। हालांकि डच महिलाओं ने भी भारत को भी इस दौरान गोल करने का मौका नहीं दिया।

डच महिलाओं ने अंतिम क्वार्टर में ठोक दिए दो गोल

अंतिम क्वार्टर में डच टीम ने तेजी दिखाई और लुना फोके ने 52वें व जिप डिक ने 53वें मिनट में गोल कर भारत को मायूस कर दिया। भारत से अब तक तीनों मुलाकातों में जीत हासिल करने वाले नीदरलैंड्स की 12 अप्रैल को जर्मनी या इंग्लैंड से खिताबी मुलाकात होगी।

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