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कोरोना से बचाव : सीरम इंस्टीट्यूट अगले माह से 920 बच्चों पर शुरू करेगा ‘कोवोवैक्स’ वैक्सीन का ट्रायल

पुणे, 26 जून। कोरोना से बचाव के लिए एस्ट्राजेनेका ऑक्सफोर्ड के भारतीय संस्करण ‘कोविशील्ड’ वैक्सीन का उत्पादन कर रहे सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने घोषणा की है कि वह अगले माह से बच्चों पर ‘कोवोवैक्स’ वैक्सीन का ट्रायल शुरू करेगा। इस ट्रायलमें 2-11 और 12-17 वर्ष आयु वर्ग के 920 बच्चे शामिल होंगे। कम्पनी इसकी मंजूरी केलिए जल्द ही भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) के समक्ष आवेदन करेगी।

सितम्बर तक कोवोवैक्स की भारत में लॉन्चिंग की तैयारी

गौरतलब है कि अमेरिकी बायोटेक्नोलॉजी कम्पनी नोवावैक्स ने पिछले वर्ष सितम्बर में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से कोरोना वैक्सीन के उत्पादन का समझौता किया था। नोवावैक्स की कोरोना वैक्सीन भारत में कोवोवैक्स के नाम से बन रही है। सितम्बर तक सीरम इस वैक्सीन को भारत में लॉन्च करने की योजना बना रहा है। भारत में उसका ब्रीजिंग ट्रायल अंतिम दौर में है। हालांकि, बच्चों पर इसका अलग से क्लीनिकल ट्रायल होगा और उसमें सब कुछ ठीक होने के बाद ही यह बच्चों के लिए उपलब्ध होगी।

10 स्थानों पर पीडियाट्रिक ट्रायल की योजना

सीरम के सीईओ अदार पूनावाला ने देश के प्रमुख अंग्रेजीदैनिक टाइम्‍स ऑफ इंडिया को बताया, ‘डीसीजीआई सेअनुमति मिलने के बाद हम अगले माह 10 जगहों पर 920 बच्चों में पीडियाट्रिक ट्रायलशुरू करने की योजना बना रहे हैं।’पूनावाला ने बताया कि पुणे में भारती अस्पताल और केईएमअस्पताल की वाडु शाखा उन 10 जगहों में शामिल हैं, जहां पीडियाट्रिक ट्रायल कियाजाएगा। कोवोवैक्स की दो खुराक के साथ टीका लगाने के बाद 21 दिनों के अलावा छहमहीने तक उनकी निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा कि ट्रायल डिजाइन के अनुसार पहले12-17 आयु वर्ग के बच्चों

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