नई दिल्ली, 27 मई। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने पहली बार सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2026 के लिए अनंतिम उत्तर सूची जारी की है और उम्मीदवारों को उत्तर सूची पर आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर भी दिया है। उम्मीदवार 31 मई, 2026 को शाम 6 बजे तक upsconline.nic.in पर उपलब्ध ‘ऑनलाइन प्रश्न पत्र आपत्ति पोर्टल (क्यूपीआरईपी)’ के माध्यम से अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। आपत्ति दर्ज करते समय उम्मीदवारों को अपनी समझ के अनुसार सही उत्तर सूची, संक्षिप्त स्पष्टीकरण और तीन प्रामाणिक स्रोतों से प्राप्त सहायक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
विशेषज्ञ करेंगे आपत्तियों की समीक्षा
उम्मीदवारों से प्राप्त सभी अभ्यावेदनों की व्यापक और सावधानीपूर्वक समीक्षा के लिए उन्हें विषय विशेषज्ञों की टीमों के समक्ष रखा जाएगा। विषय का गहन ज्ञान रखने वाले विशेषज्ञ प्रत्येक अभ्यावेदन की जांच करेंगे, सहायक दस्तावेजों का मूल्यांकन करेंगे और संबंधित प्रश्नों की उत्तर सूची के सही या गलत होने पर अपने विचार देंगे। हालांकि, आयोग की वर्तमान प्रक्रिया के अनुसार अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही अंतिम उत्तर सूची जारी की जाएगी।
प्रामाणिक स्रोतों पर आधारित थे प्रश्न
यूपीएससी ने कहा कि परीक्षाओं के प्रश्न पत्र देशभर के विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए जाते हैं। प्रश्न पत्र परीक्षा प्रक्रिया के उद्देश्यों और आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए जाते हैं, ताकि विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके। आयोग के अनुसार हाल ही में आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न प्रामाणिक और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित थे। इनके संदर्भ और उत्तर मानक पाठ्यपुस्तकों, पत्रिकाओं, सरकारी वेबसाइटों, सरकारी प्रेस विज्ञप्तियों और प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से लिए गए थे।
54 लाख उम्मीदवार हुए थे शामिल
इस वर्ष सिविल सेवा में 933 पदों और भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) में 80 पदों के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में लगभग 54 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। यह परीक्षा 24 मई, 2026 को दो अनिवार्य सत्रों में आयोजित की गई थी। पूर्वाह्न 9.30 बजे से 11.30 बजे तक सामान्य अध्ययन (पेपर-I) और दोपहर 2.30 बजे से 4.30 बजे तक सिविल सेवा योग्यता परीक्षा (सीसैट) [पेपर-II] आयोजित किया गया था। परीक्षा निर्धारित संस्थागत दिशानिर्देशों और परीक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए संपन्न कराई गई।
पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कदम
यूपीएससी ने कहा कि अनंतिम उत्तर सूची का प्रकाशन परीक्षा प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता, निष्पक्षता और सत्यनिष्ठा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे उम्मीदवारों को सूचित और रचनात्मक भागीदारी का अवसर भी मिलेगा।

