मुंबई, 19 जनवरी। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनावों में महायुति की जीत के बाद अब सबकी निगाहें मुंबई के अगले मेयर पद पर टिकी हैं। इस अहम पद को लेकर चल रही अटकलों के बीच, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी के नवनिर्वाचित पार्षदों से मुलाकात की, जिसके बाद मेयर पद को लेकर सियासी गलियारों में हलचल और तेज हो गई है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को शिवसेना (शिंदे गुट) के सभी 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को मुंबई के एक पांच सितारा होटल में ठहराया। इसके बाद रविवार को उन्होंने खुद इन पार्षदों से मुलाकात की, जिसने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है।
इस मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए एकनाथ शिंदे ने बताया कि वह नवनिर्वाचित पार्षदों का मार्गदर्शन करने गए थे।उन्होंने कहा, “इस दौरान वॉर्डों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।” शिंदे ने जोर दिया कि उनकी प्राथमिकता शहरी विकास को गति देना है।जब पत्रकारों ने उनसे मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में मेयर के चेहरे को लेकर सवाल किया, तो एकनाथ शिंदे ने आत्मविश्वास से कहा, “ठाणे, कल्याण, डोम्बिवली, उल्हासनगर, इन सभी जगहों पर महायुति का ही मेयर होगा।” उन्होंने आगे स्पष्ट किया, “मुंबई में भी महायुति का ही मेयर होगा।”
शिंदे के इस बयान से यह साफ हो गया है कि गठबंधन मेयर पद को लेकर एकजुट है और जल्द ही किसी नाम पर मुहर लगाई जा सकती है।बीएमसी चुनावों में बीजेपी 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन उसे अकेले दम पर बहुमत नहीं मिला है। हालांकि, उसकी सहयोगी शिवसेना (शिंदे) को 29 सीटें मिली हैं, जिससे महायुति गठबंधन बहुमत के करीब पहुंच गया है। अब देखना यह होगा कि मेयर पद के लिए महायुति किस चेहरे पर दांव लगाती है और कब इस सस्पेंस से पर्दा उठता है।

