Site icon hindi.revoi.in

बढ़ते वैश्विक तनावों के बीच लाल निशान में खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स में 200 अंकों की गिरावट

Social Share

मुंबई, 20 जनवरी। बढ़ते वैश्विक तनावों के बीच सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर गिरावट के साथ खुले। हालांकि, तीसरी तिमाही के नतीजों के चलते घरेलू बाजार में कुछ शेयरों में हलचल देखने को मिली।

खबर लिखे जाने तक 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 214 अंक यानी 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,032 पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं निफ्टी 77 अंक यानी 0.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,508 पर था। व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.51 प्रतिशत की गिरावट और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.65 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई। सेक्टरवार बात करें तो, निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई, निफ्टी आईटी में 0.77 प्रतिशत की गिरावट तो निफ्टी फार्मा में 0.45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

इसके विपरीत, निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.86 प्रतिशत की उछाल और निफ्टी मेटल इंडेक्स में 0.48 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स पैक में इटरनल, बजाज फाइनेंस, इंडिगो, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। तो वहीं कोटक महिंद्रा, एसबीआई, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एनटीपीसी टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे। मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक, कमजोर तिमाही नतीजों के संकेत, जारी बिकवाली और एक बार फिर उभरते भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों की धारणा पर असर डाल सकते हैं। सोमवार को दिग्गज शेयरों और व्यापक बाजार में कमजोरी देखने के बाद, बड़े वैश्विक और घरेलू घटनाक्रमों से पहले बाजार का रुख फिलहाल जोखिम से बचने वाला बना हुआ है।

बाजार के जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए अब 25,700–25,750 का स्तर एमीडिएट रेजिस्टेंस है, जहां हर बार तेजी की कोशिश नाकाम हो रही है। नीचे की तरफ 25,400–25,450 का दायरा अहम सपोर्ट जोन है। अगर यह स्तर टूटता है, तो बाजार में और बिकवाली बढ़ सकती है और निफ्टी 25,300 से 25,350 तक फिसल सकता है। एक्सपर्ट ने आगे बताया कि उतार-चढ़ाव के मोर्चे पर इंडिया वीआईएक्स में हल्की बढ़त दर्ज की गई है, जो यह संकेत देता है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों और जोखिम से बचने की रणनीति के बीच बाजार में आगे भी हल्का तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

Exit mobile version