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महाराष्ट्र निकाय चुनाव में ओवैसी की पार्टी की दमदार जीत, 13 नगर निगमों के 125 वार्डों में जीते AIMIM प्रत्याशी

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मुंबई, 17 जनवरी। असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में अपेक्षा से कहीं बेहतर दमदार नतीजे हासिल किए हैं। पार्टी प्रत्याशियों ने 13 नगर निगमों के 125 वॉर्डों में जीत हासिल की है, जो पिछले स्थानीय निकाय चुनाव में जीते गए 56 वॉर्डों की तुलना में काफी अधिक है। पार्टी ने 15 जनवरी को हुए चुनाव में 29 में से 24 नगर निगमों में अपने उम्मीदवार उतारे थे।

देखा जाए तो यह महाराष्ट्र में हैदराबाद आधारित पार्टी का अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन है। इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि कई नगर निकायों में एआईएमआईएम ने समाजवादी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना जैसी स्थापित पार्टियों को भी पीछे छोड़ दिया है।

छत्रपति संभाजीनगर में 33 सीटों के साथ मजबूत ताकत बनकर उभरी पार्टी

एआईएमआईएम का सबसे मजबूत प्रदर्शन छत्रपति संभाजीनगर में रहा, जहां उसने 33 सीटें जीतकर नगर निगम में खुद को एक प्रमुख ताकत के रूप में स्थापित किया। पार्टी ने मालेगांव में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 21 सीटें हासिल कीं जबकि नांदेड़ में उसने 14 सीटें जीतीं। अमरावती में पार्टी को 12 सीटें मिलीं, वहीं धुले में 10 और सोलापुर में आठ सीटें हासिल हुईं।

मुंबई महानगर क्षेत्र में भी पार्टी को छोटे लेकिन राजनीतिक रूप से अहम लाभ मिले। मुंबई और मुंब्रा में उसे पांच-पांच सीटें मिलीं। इसके अलावा सोलापुर में आठ, नागपुर में सात, अहमदनगर और जालना में दो-दो, परभणी और चंद्रपुर में एक-एक वॉर्ड जीते।

एमएनएस व एनसीपी (एसपी) से भी ज्यादा सीटें जीतीं

दिलचस्प तथ्य यह है कि हैदराबाद के पिछले चार बार से सांसद ओवैसी की पार्टी ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और एनसीपी (एसपी) दोनों से अधिक सीटें जीत ली हैं। उल्लेखनीय है कि एआईएमआईएम ने महाराष्ट्र में पहली बार 2012 के नांदेड़ नगर निगम चुनावों में चुनावी सफलता दर्ज की थी, जब उसने 81 सदस्यीय नगर निगम में 11 सीटें जीतकर तेलंगाना के बाहर किसी राज्य में अपनी पहली जीत दर्ज की थी।

समाजवादी पार्टी का कमजोर प्रदर्शन भी AIMIM के उभार की वजह

पार्टी का यह बेहतर प्रदर्शन ऐसे समय में सामने आया है, जब महाराष्ट्र इकाई में आंतरिक उथल-पुथल थी। हालंकि एआईएमआईएम का उभार समाजवादी पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के साथ भी जुड़ा है, जो कई शहरी केंद्रों में उसी मुस्लिम वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रही थी।

वारिस पठान बोले – जनता ने सपा का घमंड चकनाचूर कर दिया

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘वॉर्ड के चुनाव बुनियादी मुद्दों पर होते हैं। जनता को लग रहा था कि इतने सालों से वह जिन्हें वोट देकर जिता रहे थे, वे उनके लिए काम ही नहीं कर रहे। ऐसे में उन्होने ओवैसी साहब पर यक़ीन जताया।’ वहीं सामजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए वारिस पठान ने कहा कि समाजवादी पार्टी का सूपड़ा पूरे महाराष्ट्र में साफ हो गया है जनता ने इनके घमंड को चकनाचूर कर दिया।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार नतीजे दर्शाते हैं कि एआईएमआईएम ने मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अपना वोट आधार मज़बूत किया है, साथ ही मुंबई और ठाणे में भी शुरुआती पैठ बनाई है।

कई नगर निगमों में संभावित किंगमेकरबनकर उभरी है पार्टी

अहम तथ्य यह है कि 125 वार्डों में जीत या बढ़त के साथ, एआईएमआईएम उन कई नगर निगमों में संभावित ‘किंगमेकर’ बनकर उभरी है, जहां न तो सत्तारूढ़ महायुति और न ही विपक्षी महाविकास आघाड़ी को स्पष्ट बहुमत मिला है। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व यह तय कर सकता है कि वह समर्थन देगी या विपक्ष में बैठना चुनेगी।

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