बर्मिंघम, 8 मार्च। भारत के शीर्षस्थ शटलर लक्ष्य सेन का यहां ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैम्पियनशिप में धाकड़ अभियान खिताबी मोर्चे पर थम गया और रविवार को पुरुष एकल फाइनल में चीन ताइपे के लिन चुन यी के हाथों पराजय के चलते उन्हें बीडब्ल्यूएफ सुपर 1000 टूर्नामेंट में दूसरी बार उपजेता से संतोष करना पड़ा।
Historic run. Heroic effort. 🫡
Lakshya Sen finishes as the runner-up after a historic display of skill and spirit in Birmingham.
The journey continues. 🏸✨️ pic.twitter.com/wglKjD42IA
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चीनी ताइपे के शटलर ने लक्ष्य को सीधे गेमों में मात दी
युटिलिटा एरेना के कोर्ट नंबर एक पर खेले गए खिताबी मुकाबले में विश्व रैंकिंग में 12वें नंबर पर काबिज 24 वर्षीय लक्ष्य को विश्व नंबर 11 लिन चुन यी ने 57 मिनट में 21-15, 22-20 से शिकस्त दी। गौर करने वाली बात यह है कि लिन से पांच मुलाकातों में लक्ष्य उन्हें कभी हरा नहीं सके हैं।
सेमीफाइनल में भारतीय शटलर को पैर के छाले और ऐंठन से भी जूझना पड़ा था
गौरतलब है कि पहले ही दौर में विश्व नंबर एक व गत चैम्पियन शी युकी और क्वार्टर फाइनल में छठी सीड ली शी फेंग के रूप में दो चीनी सितारों को हतप्रभ कर फाइनल तक का सफर तय करने वाले अल्मोड़ावासी लक्ष्य को बीती शाम कनाडाई विक्टर लाई के खिलाफ एक घंटा 37 मिनट तक खिंचे कड़े सेमीफाइनल में पैर के छाले और ऐंठन से भी जूझना पड़ा था। देखा जाए तो फाइनल में उनकी चोट का असर भी दिखा।
What a backhand!
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भारत बर्मिंघम में 25 वर्षों से नहीं जीत सका है एकल खिताब
लक्ष्य की हार के साथ ही इस बड़े खिताब के लिए भारत का 25 वर्षों का जारी इंतजार और बढ़ गया। भारत के लिए प्रकाश पादुकोण (1980) और पुलेला गोपीचंद (2001) ही ऐसे खिलाड़ी हैं, जो ऑल इंग्लैंड ओपन खिताब जीत सके हैं। उनके अलावा सिर्फ प्रकाश नाथ (1947) और साइना नेहवाल (2015) ही उप विजेता बनकर इसके करीब पहुंचे थे।
2022 के फाइनल में लक्ष्य को विक्टर एक्सेल्सन से मात खानी पड़ी थी
लक्ष्य की बात करें तो वह सबसे पहले 2022 में यहां फाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन विक्टर एक्सेल्सन से हारकर उपविजेता रहे। इसके बाद वर्ष 2024 में सेमीफाइनल में उन्हें जोनाथन क्रिस्टी से मात खानी पड़ी थी। अब लिन चुन यी ने उन्हें मायूस कर दिया। फिर भी लक्ष्य तारीफ के काबिल हैं, जिन्होंने टूर्नामेंट में अपने यादगार प्रदर्शन से फाइनल तक भारतीय प्रशंसकों का रोमांच बनाए रखा।

