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ईरान-अमेरिका तनाव : होर्मुज पर IRGC की कड़ी चेतावनी, कहा- दुश्मन की गलत हरकत के होंगे घातक परिणाम

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तेहरान, 13 अप्रैल। अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव के बीच ईरान की नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने कहा कि होर्मुज में ‘दुश्मन’ की कोई भी गलत हरकत जानलेवा साबित होगी। नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह चेतावनी जारी की। इसके साथ ही, होर्मुज स्ट्रेट में वास्तविक स्थिति का ड्रोन निगरानी फुटेज भी शेयर किया गया। आईआरजीसी की नौसेना ने कहा कि होर्मुज में होने वाली सभी हलचलें और ठहराव ईरानी सशस्त्र बलों के पूर्ण नियंत्रण में हैं। उसने यह भी कहा कि कोई भी गलत कदम दुश्मन को होर्मुज स्ट्रेट के जानलेवा भंवरों में फंसा देगा।

आईआरजीसी की नौसेना की यह चेतावनी उस समय आई है, जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दो दिन पहले कहा कि दो अमेरिकी युद्धपोत होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे और खाड़ी में बारूदी सुरंगें हटाने का अभियान शुरू किया। हालांकि, ईरान के मुख्य सैन्य कमान खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड के इस दावे को खारिज किया। शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को ईरान के सरकारी प्रेस टीवी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से दो विध्वंसक जहाजों को गुजारने का अमेरिकी सेना का प्रयास एक असफल प्रचार स्टंट साबित था, जिसे तेहरान-वाशिंगटन वार्ता के साथ जोड़कर समयबद्ध किया गया था।

प्रेस टीवी ने अमेरिकी विध्वंसक जहाजों की पहचान यूएसएस माइकल मर्फी और यूएसएस फ्रैंक ई. पीटरसन के रूप में की। इसके साथ ही, बयान में कहा गया कि उन्हें ईरानी नौसेना की ओर से पीछे हटने के लिए मजबूर किया गया। इसके अलावा रविवार को, आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि कोई भी सैन्य जहाज जो किसी भी नाम या बहाने से होर्मुज स्ट्रेट के करीब आने की कोशिश करेगा, उसे संघर्ष विराम का उल्लंघन माना जाएगा और उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। यह पूरा घटनाक्रम ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता विफल के बाद देखने को मिला है। लगभग महीनेभर के भीषण संघर्ष के बाद ईरान और अमेरिका ने दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया है। हालांकि, इस समझौते के तहत रखी गई शर्तों पर दोनों मुल्कों में सहमति नहीं बन सकी है।

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