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FIH हॉकी विश्व कप 2026 : हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में भारतीय टीम घोषित

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नई दिल्ली, 21 जुलाई। हॉकी इंडिया ने अगले माह 15 से 30 अगस्त तक प्रस्तावित FIH हॉकी विश्व कप 2026 के लिए मंगलवार को भारतीय हॉकी टीम की घोषणा कर दी। हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में 20 सदस्यीय टीम बेल्जियम व नीदरलैंड्स की संयुक्त मेजबानी में आयोजित वैश्विक टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती पेश करेगी।

ग्रुप चरण में भारत के मैचों का कार्यक्रम

भारत को इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ पूल डी में रखा गया है। हरमनप्रीत एंड कम्पनी अपने सभी ग्रुप चरण मैच नीदरलैंड्स के एम्सटलवीन में स्थित वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेलेगी। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ करेगी और इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड का सामना करेगी। कट्टर प्रतिद्वंद्वियों – भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित मुकाबला 19 अगस्त को होगा। चारों ग्रुप में से शीर्ष दो टीमें अगले दौर में पहुंचेंगी।

भारतीय टीम

टीम में अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं का शानदार मिश्रण

देखा जाए तो हॉकी विश्व कप के लिए चयनित भारतीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं का शानदार मिश्रण है। मौजूदा टीम में भारत के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह टीम को बहुमूल्य अनुभव प्रदान करेंगे।

कप्तान हरमनप्रीत सिंह खुद विश्वस्तरीय ड्रैग-फ्लिक विशेषज्ञ

टीम के प्रेरणादायक कप्तान हरमनप्रीत सिंह खुद विश्वस्तरीय ड्रैग-फ्लिक विशेषज्ञ हैं। हरमनप्रीत ने टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 में टीम को लगातार कांस्य पदक दिलाकर देश के 41 वर्षों के ओलम्पिक पदक का सूखा खत्म करने में अहम भूमिका निभाई है। तीन बार FIH प्लेयर ऑफ द ईयर (2021, 2022 और 2024) चुने गए हरमनप्रीत दुनिया के सबसे प्रभावशाली हॉकी खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं।

हरमनप्रीत बोले – ‘हम सिर्फ हिस्सा नहीं लेना चाहते वरन ट्रॉफी घर लाना चाहते हैं’

हरमनप्रीत ने कहा, ‘विश्व कप व ओलम्पिक स्वर्ण पदक जीतना हमारा सबसे बड़ा सपना है और बेल्जियम व नीदरलैंड्स में होने वाले इस विश्व कप के लिए हम पूरी तरह केंद्रित हैं। एक टीम के तौर पर हम सिर्फ हिस्सा नहीं लेना चाहते वरन ट्रॉफी घर लाना चाहते हैं। मेरा मानना ​​है कि हमें अपने प्रोसेस पर भरोसा रखना चाहिए, अपनी रणनीति को सही से लागू करना चाहिए और पिच पर अपना 100% देना चाहिए। हम जो कड़ी मेहनत कर रहे हैं, उससे हमारे पास देश का नाम रोशन करने का शानदार मौका है।’

‘दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों को चुनौती देने की भारत में क्षमता’

वहीं मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने टीम के संतुलन पर भरोसा जताया है और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों को चुनौती देने की अपनी टीम की क्षमता पर विश्वास दिखाया है। फुल्टन ने कहा, ‘हमने एक संतुलित टीम चुनी है। इसमें टूर्नामेंट का अनुभव रखने वाले खिलाड़ियों और अच्छे फॉर्म में चल रहे युवा खिलाड़ियों का सही मिश्रण है, जिन्होंने अपनी जगह अपनी परफॉर्मेंस के दम पर बनाई है न कि अपनी शोहरत के कारण।’

फुल्टन ने कहा, ‘प्रेस, काउंटर और परफॉर्म करना सिर्फ हमारी रणनीतिक पहचान नहीं है बल्कि यह वह तरीका है, जिससे ये ग्रुप हर दिन एक साथ ट्रेनिंग करता है और सोचता है। हम बहुत आगे की नहीं सोच रहे हैं। हर मैच में हमारी सोच यही है कि एक बार में एक ही गेम पर ध्यान दें और पूरी जान लगा दें।

भारत को इकलौती खिताबी सफलता 1975 में मिली थी

दरअसल, हॉकी विश्व कप का आने वाला संस्करण भारत के लिए दूसरा खिताब जीतने का एक और मौका होगा। इससे पहले भारत ने सिर्फ एक बार 1975 में खिताबी जीत हासिल की थी। वहीं पाकिस्तान पुरुष हॉकी विश्व कप के इतिहास में चार खिताबों के साथ सबसे सफल टीम है।

फुल्टन अपनी टीम की खिताबी जीत की संभावनाओं को लेकर उत्साहित

हालांकि फुल्टन अपनी टीम के एक और विश्व खिताब जीतने की संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं, जिनकी कोचिंग में भारत ने पिछले माह एफआईएच प्रो लीग में मौजूदा विश्व चैम्पियन जर्मनी और मौजूदा ओलम्पिक चैंपियन नीदरलैंड्स को हराया था। उन्होंने कहा, ‘1975 में हमारी विश्व कप जीत के 50 वर्षों बाद इस ग्रुप के पास भारतीय हॉकी के इतिहास में अपना एक नया अध्याय लिखने का मौका है और हम इसे लेकर वाकई बहुत उत्साहित हैं।’

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