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भारत ने तीसरी बार जीती अंडर-18 एशिया कप हॉकी, फाइनल में मेजबान जापान परास्त, आशीष की लगातार दूसरी हैट्रिक

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काकामिगाहारा (जापान), 6 जून। अग्रिम पंक्ति के खिलाड़ी आशीष तानी पुर्ति की लगातार दूसरी हैट्रिक भारत के लिए कारगर साबित हुई, जिसने शनिवार को यहां पुरुष अंडर-18 एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में मेजबान जापान को 4-1 से हराने के साथ तीसरी बार सर्वजेता का गौरव अर्जित किया।

24 घंटे पहले पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में 5-3 की जीत के दौरान भी हैट्रिक सहित चार गोल ठोकने वाले आशीष ने दूसरे, 28वें और 34वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर भुनाते हुए हैट्रिक पूरी की। कप्तान केतन कुशवाहा ने मध्यांतर से ठीक पहले 30वें मिनट में गोल कर भारत के लिए तीसरा गोल किया। जापान की ओर से एकमात्र गोल नुमादा गाकू ने 52वें मिनट में तीसरे शॉर्ट कॉर्नर पर किया।

खिताबी मुकाबले में भारत का शत-प्रतिशत रिकॉर्ड कायम

दिलचस्प यह है कि भारत ने तीसरी बार फाइनल खेलने का अधिकार पाया था और फाइनल में अपना शत-प्रतिशत रिकॉर्ड कायम रखते हुए तीसरी बार उपाधि जीत ली। इसके पूर्व उसने 2001 व 2016 में चैम्पियन का गौरव अर्जित किया था।

भारतीय महिला टीम ने कोरिया को 3-0 से हरा जीता कांस्य पदक

वहीं भारत की अंडर-18 महिला टीम ने दक्षिण कोरिया को 3-0 से हराकर कांस्य पदक पर अधिकार किया। मध्यांतर तक 2-0 की बढ़त हासिल कर चुकी भारतीय टीम के लिए संदीपा कुमारी (दूसरा मिनट), कप्तान स्वीटी कुजूर (16वां मिनट) व नौशीन नाज (33वां मिनट) ने गोल किए। सेमीफाइनल में भारत को हराने वाले चीन ने मेजबान जापान को 2-1 से हराकर स्वर्ण पदक पर अधिकार किया। इस प्रकार जापान को दोनों वर्गों में रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

हॉकी इंडिया ने की नकद पुरस्कार की घोषणा

इस बीच हॉकी इंडिया ने स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को तीन लाख रुपये और सहयोगी सदस्यों को डेढ़ लाख रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। इसके साथ ही महिला अंडर-18 टीम के कांस्य पदक जीतने पर प्रत्येक खिलाड़ी को एक लाख रुपये और सहयोगी सदस्यों को 50,000 रुपये देने की भी घोषणा की गई।

खिताबी मुकाबले की बात करें तो भारत ने शुरुआत से ही दबदबा बनाते हुए 90 सेकेंड में ही पेनाल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया, जिसे आशीष ने गोल में बदल दिया। पहले क्वार्टर के अंत तक भारत 1-0 से आगे था। वहीं जापान ने कुछ आक्रामक प्रयास किए, लेकिन उसके खिलाड़ी भारतीय रक्षा पंक्ति को भेद नहीं सके।

दूसरे क्वार्टर में भी भारत ने बढ़त बनाए रखी। जापान ने बराबरी की कोशिश की, लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति ने उसके हर प्रयास को नाकाम कर दिया। इसके बाद 28वें मिनट में आशीष ने एक और शानदार गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। इसके तुरंत बाद प्रह्लाद राजभर ने गेंद छीनकर कप्तान कुशवाहा को पास दिया, जिन्होंने सटीक फिनिश कर हाफटाइम तक स्कोर 3-0 कर दिया।

भारत ने तीसरे क्वार्टर में आक्रामक खेल जारी रखा। वरिंदर सिंह की शानदार मूव के बाद मिले पेनाल्टी कॉर्नर को आशीष ने 34वें मिनट में गोल में बदलकर हैट्रिक पूरी की और भारत को 4-0 की मजबूत बढ़त दिल दी। अंतिम क्वार्टर में जापान ने वापसी की कोशिश की और 52वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर नुमादा गाकू सिर्फ टीम की हार का अंतर कम कर सके।

‘प्लेयर ऑफ द मैच’ आशीष को शीर्ष स्कोरर का भी खिताब

इसके बाद जापान को कुछ और मौके मिले, लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति ने उन्हें सफल नहीं होने दिया। पुर्ति को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 13 गोल कर शीर्ष स्कोरर का खिताब भी हासिल किया।

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