नई दिल्ली, 22 मई। दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने ओलम्पियन महिला पहलवान विनेश फोगाट को राष्ट्रीय स्पर्धाओं में शामिल होने के लिए अयोग्य करार देने पर भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को फटकार लगाई है।
केंद्र को निर्देश : एशियाई खेलों के ट्रायल में भागीदारी सुनिश्चित करें
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने इसी क्रम में केंद्र सरकार को विनेश फोगाट की वापसी का आकलन करने के लिए विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि 30 और 31 मई को एशियाई खेलों के लिए होने वाले ट्रायल में विनेश फोगाट को अनुमति मिले।
फोगाट ने हाई कोर्ट के सिंगल बेंच के फैसले को डिवीजन बेंच में चुनौती दी है
दरअसल, विनेश फोगाट ने हाई कोर्ट के सिंगल बेंच के फैसले को डिवीजन बेंच में चुनौती दी थी। सिंगल बेंच ने 18 मई को विनेश फोगाट को कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया था। हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान WFI के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या खेलों में मां बनना किसी के लिए नुकसानदायक हो सकता है। देश में मां बनने पर तो जश्न मनाया जाता है।
इस तरह कुश्ती महासंघ को मत चलाइए, ये खेल के हित में नहीं
हाई कोर्ट ने कुश्ती महासंघ के पहले से चल रही उस परंपरा में बदलाव पर भी एतराज जताया, जिसमें किसी मशहूर एथलीट को उसे योग्यता की चिंताओं को दरकिनार कर खेलने की अनुमति दी जाती थी। कोर्ट ने कहा कि पहले के सर्कुलर में बदलाव काफी कुछ कहता है। आप इस तरह भारतीय कुश्ती महासंघ को मत चलाइए। ये खेल के हित में नहीं है।
इसके पूर्व विनेश फोगाट ने याचिका दायर कर भारतीय कुश्ती महासंघ की ओर से एशियन गेम्स सेलेक्शन ट्रायल से बाहर करने के फैसले को चुनौती दी थी। फोगाट की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजशेखर राव ने कहा कि इस मामले में जितना दिख रहा है, उतना ही सब कुछ नहीं है। राव ने विनेश फोगाट को सेलेक्शन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति देने की मांग की थी। ट्रायल 30 मई से शुरू होने वाला है।
कोर्ट ने इस मांग को नामंजूर करते हुए कहा कि आप भारतीय कुश्ती महासंघ के नोटिस का जवाब दें। वहीं जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की बेंच ने भारतीय कुश्ती संघ को निर्देश दिया कि वह छह जुलाई तक अपने नोटिस पर अंतिम फैसला कर ले।
गौरतलब है कि WFI ने विनेश फोगाट को सेलेक्शन ट्रायल में भाग लेने के अयोग्य ठहरा दिया है। कुश्ती महासंघ का कहना है कि ये सेलेक्शन ट्रायल केवल 2025 की सीनियर नेशनल चैम्पियनशिप, 2026 के फेडरेशन कप और अंडर-20 नेशनल चैम्पियनशिप के विजेताओं के लिए है। फोगाट ने इन तीनों की स्पर्धाओं में जीत हासिल नहीं की थी। उन्होंने 2024 के ओलम्पिक के बाद अपने रिटायरमेंट की घोषणा कर दी थी। बाद में वह दिसम्बर, 2025 में कुश्ती प्रतिस्पर्धा में भागीदारी के लिए वापस आ गईं।
भारतीय कुश्ती महासंघ ने फोगाट को अनुशासनहीनता, एंटी डोपिंग रूल्स का उल्लंघन करने और रिटायरमेंट के बाद स्पर्धा में वापसी के लिए जरूरी नियमों का पालन नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस भी जारी की थी। WFI ने कहा कि वापसी से पहले छह महीने की नोटिस देनी होती है, जो फोगाट ने नहीं दी। कुश्ती महासंघ ने 2024 ओलम्पिक में फोगाट के ज्यादा वजन की ओर से अयोग्य करार देने का मामला उठाते हुए कहा है कि इससे देश की फजीहत हुई।

