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आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा सहित 7 सांसदों के भाजपा में शामिल होने को करार दिया ‘ऑपरेशन लोटस’

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नई दिल्ली, 24 अप्रैल। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा में नेता और नेशनल मीडिया प्रभारी संजय सिंह ने राघव चड्ढा सहित पार्टी के सात सांसदों के भाजपा में शामिल होने को ‘ऑपरेशन लोटस’ करार दिया है।

संजय सिंह ने शुक्रवार को यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को विधायक, सांसद बनाया। सब कुछ दिया, लेकिन उन्होंने पार्टी के साथ विश्वासघात किया। पंजाब के लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।’

‘इन सातों ने पंजाब की जनता की पीठ में छुरा घोंपा है, धोखा दिया है

उन्होंने कहा, ‘राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह को ‘आप’ और जनता ने जमीन से उठाकर संसद में पहुंचाया। इन सातों ने पंजाब की जनता की पीठ में छुरा घोंपा है, धोखा दिया है। भगवंत मान की सरकार को धोखा दिया है।”

“मान सरकार अच्छा काम कर कर रही, इसलिए ‘ऑपरेशन लोटस’ खेला जा रहा”

संजय सिंह ने कहा, “भगवंत मान सरकार अच्छा काम कर रही है, इसलिए ‘ऑपरेशन लोटस’ खेला जा रहा है, ईडी-सीबीआई का इस्तेमाल किया जा रहा है। अशोक मित्तल के घर दो-चार दिन पहले ईडी का छापा पड़ा, भय दिखाया और तोड़ लिया। यह ऑपरेशन लोटस है। अमित शाह व नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पंजाब के लोगों को धोखा देने के लिए है, चलाया गया है।”

चड्ढा कभी केजरीवाल के भरोसेमंद रणनीतिकार थे

उल्लेखनीय है कि हाल के कुछ महीनों में अंदरूनी मतभेद पैदा होने से पहले राघव चड्ढा AAP प्रमुख अरविंद केजरीवल के भरोसेमंद रणनीतिकार हुआ करते थे। दरअसल, वर्ष 2013 में जब अन्ना हजारे का इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन अपने आखिरी दौर में था, तभी राघव चड्ढा की मुलाकात अरविंद केजरीवाल से हुई। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट राघव चड्ढा राघव उस समय लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई कर के भारत लौटे थे।

लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई कर के लौटे थे

एक रिपोर्ट के अनुसार राघव चड्ढा का पार्टी में पहला असाइनमेंट दिल्ली जनलोकपाल बिल का ड्राफ्ट तैयार करने वाले अधिवक्ता राहुल मेहरा को असिस्ट करना था। उन्हें ये जिम्मेदारी अरविंद केजरीवाल ने सौंपी थी। राघव चड्ढा पार्टी के सबसे युवा प्रवक्ता बने और कुछ ही समय में टेलीविजन पर आम आदमी पार्टी का चेहरा बन चुके थे।

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आम आदमी पार्टी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार राघव वर्ष 2013 में आम आदमी पार्टी के घोषणापत्र बनाने वाली टीम के सदस्य थे। कुछ समय के लिए वह पार्टी के कोषाध्यक्ष भी बनाए गए। एक दशक पहले एक वॉलंटियर के तौर पर अरविंद केजरीवाल की टीम में शामिल हुए राघव चड्ढा अब उनके सबसे भरोसेमंद रणनीतिकारों में गिने जाने लगे थे।

2020 में पहली बार राजेंद्र नगर सीट से विधायक बने

साल 2019 में राघव चड्ढा दक्षिणी दिल्ली की संसदीय सीट पर चुनाव लड़े, लेकिन असफल रहे। इसके बाद 2020 विधानसभा चुनाव में उन्होंने दिल्ली की राजेंद्र नगर सीट से जीत दर्ज की। मार्च, 2022 में चड्ढा और चार अन्य लोगों को आम आदमी पार्टी ने पंजाब से राज्यसभा के लिए मनोनीत किया। उस समय राघव चड्ढा 33 वर्ष के थे और सबसे युवा सांसद बने।

पंजाब में मिली सफलता में राघव ने निभाई थी अहम भूमिका

माना जाता है कि साल 2022 में पंजाब में मिली आम आदमी पार्टी की बड़ी जीत में राघव चड्ढा ने अहम भूमिका निभाई। पंजाब की सफलता को देखते हुए ही पार्टी ने उन्हें 2022 के आखिर में गुजरात विधानसभा चुनाव की भी जिम्मेदारी सौंपी और सह प्रभारी बनाया था।

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