नई दिल्ली, 17 फरवरी। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने गत 28 जनवरी को बारामती में हुए लियरजेट 45 वीटी-एसएसके दुर्घटना की जांच को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। ब्यूरो के अनुसार, जांच विमान दुर्घटना एवं घटना जांच नियम, 2017 और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के मानकों, विशेष रूप से आईसीएओ अनुलग्नक 13 के तहत सख्ती से की जा रही है।
एएआईबी ने बताया कि विमान में दो स्वतंत्र फ्लाइट रिकॉर्डर लगे थे। दुर्घटना के दौरान दोनों रिकॉर्डर लंबे समय तक अत्यधिक हीट के संपर्क में रहे, जिससे उनमें आग से नुकसान हुआ। इसके बावजूद जांच एजेंसी तकनीकी साक्ष्यों को सुरक्षित रूप से प्राप्त करने की प्रक्रिया में जुटी है।
एल3-संचार द्वारा निर्मित डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) का डेटा एएआईबी के फ्लाइट रिकॉर्डर प्रयोगशाला में सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है। वहीं हनीवेल द्वारा निर्मित लियरजेट 45 वीटी-एसएसके(सीवीआर) का विस्तृत तकनीकी परीक्षण जारी है। डेटा पुनर्प्राप्ति के लिए निर्माण देश के मान्यता प्राप्त प्रतिनिधि से विशेष तकनीकी सहायता भी मांगी गई है।
जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित तकनीकी और प्रक्रियात्मक मानकों के अनुरूप, निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित तरीके से की जा रही है। एएआईबी ने यह भी कहा कि पारदर्शिता बनाए रखते हुए जांच के उपयुक्त चरण पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी।
ब्यूरो ने सभी हितधारकों और आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अटकलों से बचें और स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार जांच को आगे बढ़ने दें। अधिकारियों के अनुसार, इस जांच का उद्देश्य दुर्घटना के कारणों का वैज्ञानिक और निष्पक्ष निष्कर्ष निकालना है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और विमानन सुरक्षा को ज्यादा मजबूत बनाया जा सके।
गौरतलब है कि गत 28 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती हवाई अड्डे के पास विमान दुर्घटना में उप मुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया था। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस त्रासदी की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था।
मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की तीन सदस्यीय टीम एएआईबी के साथ बुधवार को दुर्घटनास्थल पर पहुंची थी। एएआईबी के महानिदेशक ने भी व्यक्तिगत रूप से घटनास्थल का दौरा कर लियरजेट 45 विमान के मलबे का निरीक्षण किया था।

