लखनऊ, 15 अक्टूबर। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। पूजा-पाठ, शुभ कार्यों की शुरुआत, यात्रा और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए कई लोग पंचांग देखकर दिन के शुभ-अशुभ समय की जानकारी लेते हैं। पंचांग में तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के आधार पर दिन से जुड़ी धार्मिक एवं ज्योतिषीय जानकारियां दी जाती हैं। पंचांग के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026, गुरुवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। इस दिन ललिता पंचमी मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह तिथि देवी ललिता त्रिपुर सुंदरी की पूजा-अर्चना के लिए विशेष मानी जाती है। भक्त देवी की आराधना कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
15 अक्टूबर 2026 के शुभ मुहूर्त
15 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:49 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा। वहीं, अमृत काल रात 8:58 बजे से 10:45 बजे तक बताया गया है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:51 बजे से 5:39 बजे तक रहेगा।
तिथि, नक्षत्र और योग
इस दिन ज्येष्ठा नक्षत्र सुबह 4:03 बजे से शुरू होकर 16 अक्टूबर की सुबह 6:47 बजे तक रहेगा। सौभाग्य योग रात 8:38 बजे तक रहेगा। इसके बाद शोभन योग शुरू होगा। करण की बात करें तो बव करण रात 1:13 बजे से दोपहर 2:16 बजे तक रहेगा। इसके बाद बालव करण शुरू होकर 16 अक्टूबर की सुबह 3:25 बजे तक रहेगा। फिर कौलव करण का समय आरंभ होगा।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय
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सूर्योदय: सुबह 6:27 बजे
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सूर्यास्त: शाम 5:57 बजे
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चंद्रोदय: सुबह 10:31 बजे
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चंद्रास्त: रात 9:10 बजे
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चंद्र राशि: वृश्चिक
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सूर्य राशि: कन्या
15 अक्टूबर को राहुकाल कब रहेगा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ कार्यों की योजना बनाते समय राहुकाल और अन्य अशुभ समय का ध्यान रखा जाता है। 15 अक्टूबर को राहुकाल दोपहर 1:38 बजे से 3:05 बजे तक रहेगा।
अन्य अशुभ समय इस प्रकार हैं:
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यमगण्ड काल: सुबह 6:27 बजे से 7:53 बजे तक
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कुलिक काल: सुबह 9:20 बजे से 10:46 बजे तक
गुरुवार को किस दिशा में रहेगा दिशाशूल?
पंचांग की मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार को दक्षिण दिशा में दिशाशूल माना जाता है। इसलिए इस दिन दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि यात्रा जरूरी हो, तो कुछ लोग परंपरागत धार्मिक उपाय करके यात्रा शुरू करते हैं। ध्यान दें कि पंचांग के समय स्थान और गणना-पद्धति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। यहां दिए गए समय को स्थानीय पंचांग से मिलान कर लेना उचित रहेगा।


