नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी प्रदान कर दी है। इस योजना के लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
योजना के लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान
कैबिनेट के फैसले के तहत योजना और इसकी विभिन्न उप-योजनाओं के नाम बदले जाएंगे, दिव्यांगजन पेंशन योजना में पात्रता मानदंड और सहायता राशि में संशोधन किया जाएगा जबकि वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और पारिवारिक लाभ योजनाएं मौजूदा स्वरूप में जारी रहेंगी।
36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को लाभ मिलेगा
सरकार के अनुसार, इस फैसले से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। ग्रामीण विकास विभाग अगले तीन महीनों के भीतर संशोधित दिशा-निर्देश जारी करेगा और उन्हें लागू किया जाएगा।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना’ किया जाएगा
कैबिनेट की मंजूरी के बाद राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना’ किया जाएगा, जिसके तहत मौजूदा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना और राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का नाम प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना रखा जाएगा।
#Cabinet has approved the proposal of the Department of Rural Development for Continuation of the National Social Assistance Programme (#NSAP) with a total outlay of Rs. 53,428 crore for five years from 2026-27 to 2030-31, with
(i) Renaming of the scheme & sub-schemes
(ii) Revision in eligibility criteria, coverage and rate of assistance for Divyangjan pension
(iii) Continuation of pension schemes for old aged & widows and family benefit scheme in its existing form
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#CabinetDecisions
— PIB India (@PIB_India) October 14, 2026
कैबिनेट ने दिव्यांगजन पेंशन योजना में महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी
बयान के अनुसार, कैबिनेट ने दिव्यांगजन पेंशन योजना में महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी है। अब 0 से 79 वर्ष तक के दिव्यांग लाभार्थियों को 375 रुपए प्रति माह और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को 625 रुपये प्रति माह की सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही पात्रता मानदंडों में भी राहत दी गई है। अभी तक योजना का लाभ पाने के लिए 80 प्रतिशत दिव्यांगता जरूरी थी, जिसे घटाकर 40 प्रतिशत बेंचमार्क दिव्यांगता कर दिया गया है। इसके अलावा, दिव्यांग पेंशन के लिए न्यूनतम आयु की शर्त भी समाप्त कर दी गई है और अब जन्म से दिव्यांग व्यक्ति भी इस योजना के दायरे में आ सकेंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वृद्धावस्था पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना और परिवार लाभ योजना वर्तमान स्वरूप में ही जारी रहेंगी। इन योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को पहले की तरह सहायता मिलती रहेगी।
योजना के तहत 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता देती है केंद्र सरकार
कैबिनेट ने बयान में आगे बताया है कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को की गई थी, जिसका उद्देश्य संविधान के अनुच्छेद 41 में निहित राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना था। केंद्र सरकार इस योजना के तहत 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता देती है ताकि देशभर में पात्र लाभार्थियों को समान रूप से सहायता उपलब्ध हो सके।
सरकार ने बताया कि दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के लागू होने के बाद दिव्यांग पेंशन की पात्रता को ‘बेंचमार्क दिव्यांगता’ यानी 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता से जोड़ना आवश्यक हो गया था। इसी कानून में यह भी प्रावधान है कि दिव्यांगजनों को मिलने वाली सहायता समान श्रेणी की अन्य योजनाओं की तुलना में कम से कम 25 प्रतिशत अधिक होनी चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था को मंजूरी दी गई है।


