लखनऊ, 18 मई। पंचायत चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी देकर बड़ा सामाजिक दांव चला है। इसके साथ ही लखनऊ मेट्रो विस्तार, स्वास्थ्य सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिल गयी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुयी मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दे दी गयी।
यह आयोग पंचायत स्तर पर पिछड़ों की हिस्सेदारी का अध्ययन कर ओबीसी आरक्षण का नया आधार तैयार करेगा। पांच सदस्यीय आयोग के अध्यक्ष उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश होंगे। अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल छह महीने का होगा। इस अवधि में आयोग सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। पंचायत चुनाव से पहले इसे सरकार का बड़ा सामाजिक फैसला माना जा रहा है। मंत्रिमंडलट ने लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को मंजूरी दी। चारबाग से बसंतकुंज मेट्रो कॉरिडोर के एमओयू को भी पास कर दिया गया है।
इससे राजधानी के दक्षिणी हिस्से को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और यातायात व्यवस्था मजबूत होगी। योगी सरकार ने वेटरनरी छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता चार हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये महीना कर दिया। अब पशु चिकित्सा के छात्रों को 12 हजार रुपये मानदेय मिलेगा। लोहिया इंस्टीट्यूट में 1010 बेड का सुपर स्पेशिएलिटी इमरजेंसी सेंटर बनेगा जबकि इसके साथ ही प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है । यूपी जन्म-मृत्यु पंजीकरण नियमावली 2026 लागू होगी।
मंत्रिमंडल की बैठक में आगरा मेट्रो कॉरिडोर-2 के लिए भूमि हस्तांतरण और स्टेशन-वायाडक्ट निर्माण को मंजूरी मिल गई है। मिर्जापुर पूलिंग उपकेंद्र और ट्रांसमिशन लाइन निर्माण प्रस्ताव पास हो गया है और मिर्जापुर में सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी की स्थापना को मंजूरी मिल गई है। यूपी लोक सेवा आयोग संशोधन विनियम 2026 लागू होगा। वहीं प्रतिभूति संबंधी 2007 अधिसूचना में संशोधन किया जाएगा।

