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WHO ने मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ईरान की स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमले को लेकर जताई चिंता

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जिनेवा (स्विट्जरलैंड), 3 अप्रैल। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के हमले को लेकर चिंता जाहिर की है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तेहरान में स्वास्थ्य केंद्रों को निशाना बनाए जाने की खबरों पर निराशा जाहिर की। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने डब्ल्यूएचओ महानिदेशक के बयान को रिशेयर किया।

टेड्रोस घेब्रेयसस ने एक्स पर लिखा, ‘मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के बीच हाल के दिनों में ईरान की राजधानी तेहरान में स्वास्थ्य केंद्रों पर कई हमलों की खबरें आई हैं। ईरान में पाश्चर इंस्टीट्यूट को काफी नुकसान हुआ और वह स्वास्थ्य सेवाएं देना जारी नहीं रख सका। यह संस्था 1920 में बनी थी और मेडिकल रिसर्च के कई क्षेत्र में एक सदी से भी ज्यादा समय से काम कर रही है। यह इमरजेंसी में भी लोगों के स्वास्थ्य को बचाने और बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाती है।’

उन्होंने कहा कि इसके दो विभाग डब्ल्यूएचओ के साथ मिलकर काम करने वाले सेंटर के तौर पर सक्रिय रहे हैं। इसके अलावा, 29 मार्च को हड़ताल की वजह से डेलाराम सिना साइकियाट्रिक हॉस्पिटल को काफी नुकसान हुआ और 31 मार्च को एक और हमले में टोफिघ दारू फार्मास्युटिकल फैसिलिटी, जो कैंसर और मल्टीपल स्केलेरोसिस के इलाज के लिए दवाएं बनाती थी, को नुकसान पहुंचा। इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

ईरान की स्वास्थ्य सुविधाओं पर अब तक 20 से ज्यादा हमलों की पुष्टि

डब्ल्यूएचओ ने एक मार्च से लेकर अब तक ईरान की स्वास्थ्य सुविधाओं पर 20 से ज्यादा हमलों की पुष्टि की है। इन हमलों में कम से कम नौ मौत की पुष्टि की गई है, जिसमें एक संक्रमण वाली बीमारी के स्वास्थ्यकर्मी और ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के एक सदस्य की मौत भी शामिल है।

डब्ल्यूएचओ ने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं पर तेहरान के बाहर भी हमले दर्ज किए गए हैं। इन हमलों में 21 मार्च को खुजेस्तान प्रांत के अंदिमेशक में इमाम अली हॉस्पिटल के पास एक धमाका भी शामिल है। धमाके की वजह से जगह को खाली कराकर सेवाएं बंद करनी पड़ीं।

टेड्रोस घेब्रेयसस ने कहा, ‘ईरान और इस इलाके में लड़ाई, स्वास्थ्य सुविधाओं की डेलिवरी और स्वास्थ्य केंद्रों में मौजूद स्वास्थ्य श्रमिकों, मरीज और आम लोगों की सुरक्षा पर असर डाल रही है। शांति सबसे अच्छी दवा है।’

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