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ईरान में महंगाई के खिलाफ 100 से अधिक शहरों में हिंसक प्रदर्शन, हिंसा में 45 लोगों की मौत, इंटरनेट और तेहरान एयरपोर्ट बंद

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तेहरान, 9 जनवरी। ईरान में महंगाई और आर्थिक बदहाली के खिलाफ 28 दिसंबर से शुरू हुए विरोध-प्रदर्शन गुरुवार को और तेज हो गए। देश के 100 से अधिक शहरों में लोग सड़कों पर उतरे। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कीं और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शन के दौरान सरकार और सर्वोच्च नेता के खिलाफ नारे लगाए गए।

कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने इस्लामिक रिपब्लिक के अंत की बात करते हुए नारेबाजी की, वहीं कुछ समूहों ने पूर्व शाह के बेटे क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी के समर्थन में भी नारे लगाए। अमेरिकी मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 8 बच्चे शामिल हैं।

हिंसक घटनाओं में एक पुलिस अधिकारी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इसके अलावा 2,270 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। बिगड़ने के बाद सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। देशभर में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं। सुरक्षा कारणों से तेहरान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी बंद कर दिया गया है और सेना को अलर्ट पर रखा गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही घड़ी में 8 बजे का समय हुआ, तेहरान के सभी इलाकों में नारे गूंजने लगे। इन्हीं प्रदर्शनकारियों में कुछ प्रदर्शनकारी पहलवी के आह्वान का पालन करते हुए नजर आए। ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शन में नारे लगे, ‘तानाशाह मुर्दाबाद!’ और ‘इस्लामी गणराज्य मुर्दाबाद!’ भीड़ में मौजूद लोगों ने यह भी कहा कि ‘यह आखिरी लड़ाई है! पहलवी वापस लौटेगा!’

गौरतलब है कि ये प्रदर्शन केवल महंगाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से जारी आर्थिक संकट, बेरोजगारी और सामाजिक असंतोष का भी प्रतीक माने जा रहे हैं। सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

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