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उत्तर प्रदेश : बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी पर कसता जा रहा शिकंजा, गैंग के 42 लोगों के 45 शस्त्र लाइसेंस निलंबित

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मऊ (उत्तर प्रदेश), 4 अगस्त। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बाहुबली विधायक व माफिया मुख्तार अंसारी पर उतर प्रदेश सरकार का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इस क्रम में विधायक की पत्नी और साले की दो करोड़ से ज्यादा की संपत्तियों की कुर्की के 24 घंटे बाद ही उनके गैंग से जुड़े 42 व्यक्तियों के 45 शस्त्र लाइसेंस मऊ जिला प्रशासन ने निलंबित कर दिए।

पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने बुधवार को यह काररवाई की। जिले के दक्षिण टोला थाना क्षेत्र, सराय लखंसी थाना क्षेत्र, एवं कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाले शस्त्रधारकों पर यह काररवाई की गई है। प्रशासन की काररवाई के बाद असलहा लाइसेंसधारकों में हड़कम्प मचा हुआ है।

ज्ञातव्य है कि प्रदेश सरकार की ओर से माफिया के खिलाफ जारी काररवाई के क्रम में कुछ महीने पहले जनपद में शस्त्रधारकों के कारतूसों का सत्यापन एवं जांच पुलिस विभाग द्वारा कराई गई थी।  उस जांच के दौरान मुख्तार अंसारी के करीबी गैंग के सदस्य से जुड़े 42 लोगों का 45 शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की काररवाई के लिए पुलिस अधीक्षक ने जिला अधिकारी को अनुशंसा भेजी थी। यूपी पुलिस ने आईएस 191 के गैंग लीडर मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशा अंसारी के शस्त्र लाइसेंस को भी कुछ दिन पहले निरस्त कर दिया था।

पुलिस अधीक्षक घुले ने बताया कि पूरे जनपद में लाइसेंसी शस्त्रों का सत्यापन कराया गया था। इसमें मुख्तार अंसारी गिरोह से जुड़े 42 व्यक्तियों के 45 शस्त्रों के कारतूस आदि की खरीद में नियमों का पालन नहीं किया गया। इसलिए इन शस्त्रों को निलंबित करते हुए थानों में जमा कराया जा रहा है।

पत्नी और साले की 2.18 करोड़ से ज्यादा की संपत्तियां कुर्क

इससे पहले मंगलवार को गाजीपुर और लखनऊ में मुख्तार की पत्नी अफशा अंसारी और साले सरलील रजा की 2.18 करोड़ से अधिक की संपत्तियां कुर्क की गई थीं। जिलाधिकारी ने गाजीपुर पुलिस की आख्या पर विचार के बाद कुर्की का यह आदेश जारी किया था।

एम्बुलेंस प्रकरण में बाराबंकी से 3 आरोपित गिरफ्तार

उधर बाराबंकी पुलिस ने मंगलवार को ही मुख्तार अंसारी एम्बुलेंस मामले में वांछित चल रहे 25-25 हजार रुपये ईनामी तीन आरोपितों – फिरोज कुरेशी, शाहिद और सुरेंद्र शर्मा को नए बस स्टॉप के पास से गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपितों ने बताया कि वे लोग मुख्तार अंसारी की एम्बुलेंस चलाते थे। इनके दूसरे साथी उसी एम्बुलेंस में बैठकर मुख्तार अंसारी की सुरक्षा के लिए चलते थे।

गौरतलब है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे वर्ष 2013 में एक एम्बुलेंस बाराबंकी एआरटीओ कार्यालय से पंजीकृत कराई गई थी। इस एम्बुलेंस का प्रयोग मुख्तार अंसारी करते थे। पंजाब के रोपण जेल में बंद रहते पेशी पर मोहाली कोर्ट जाने के दौरान यह एम्बुलेंस चर्चा में आई थी। इस प्रकरण में बाराबंकी पुलिस पहले ही मुख्तार अंसारी समेत आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्तार अंसारी इस समय बांदा जेल में बंद हैं।

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