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अमेरिकी रक्षा मंत्री हेगसेथ ने राजनाथ से फोन पर बात की, भारत के रक्षा के अधिकार का किया समर्थन

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नई दिल्ली, 1 मई। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात की और कहा कि उनका देश भारत के आत्मरक्षा के अधिकार और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का समर्थन करता है।

वहीं राजनाथ सिंह ने हेगसेथ से कहा कि पाकिस्तान एक दुष्ट देश के रूप में बेनकाब हो गया है, जो वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है तथा क्षेत्र को अस्थिर कर रहा है। रक्षा मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार राजनाथ सिंह ने बातचीत के दौरान कहा कि दुनिया अब आतंकवाद के प्रति आंखें मूंद कर नहीं रह सकती।

राजनाथ सिंह के कार्यालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि हेगसेथ ने कहा, ‘अमेरिका भारत के साथ एकजुटता से खड़ा है और भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करता है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में अमेरिकी सरकार के मजबूत समर्थन को दोहराया।’

दुनिया अब आतंकवाद के प्रति आंखें मूंद कर नहीं रह सकतीराजनाथ

रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया, ‘रक्षा मंत्री ने अमेरिकी रक्षा मंत्री को बताया कि पाकिस्तान का आतंकवादी संगठनों को समर्थन, प्रशिक्षण और वित्तपोषण देने का इतिहास रहा है। पाकिस्तान एक दुष्ट देश के रूप में बेनकाब हो गया है, जो वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और क्षेत्र को अस्थिर कर रहा है। दुनिया अब आतंकवाद के प्रति आंखें मूंद कर नहीं रह सकती।’

राजनाथ ने कहा कि वैश्विक समुदाय के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह आतंकवाद के ऐसे जघन्य कृत्यों की स्पष्ट रूप से और एक स्वर में निंदा करे तथा उनका विरोध करे। हेगसेथ ने बातचीत के दौरान नृशंस पहलगाम आतंकवादी हमले में निर्दोष नागरिकों की मौत पर अपनी सहानुभूति और संवेदना व्यक्त की।

एक दिन पहले ही जयशंकर की अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से हुई थी वार्ता

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर व अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच भी फोन पर बातचीत हुई थी। अमेरिकी वक्तव्य के अनुसार, रुबियो ने जयशंकर को आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ सहयोग के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता से अवगत कराया और साथ ही ‘भारत को दक्षिण एशिया में तनाव कम करने तथा शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।’

पहलगाम में गत 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में ‘सीमा पार संबंधों’ का हवाला देते हुए भारत ने हमले में शामिल लोगों को कड़ी सजा देने का वादा किया है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे।

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