टैम्पा (फ्लोरिडा), 13 मार्च। ईरान से युद्ध के बीच अमेरिका को बड़ा नुकसान हुआ, जब एक अमेरिकी रिफ्यूलिंग विमान इराक में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में चालक दल के छह में चार सदस्यों की मौत हो गई है। यह विमान KC-135 एरियल टैंकर था। इस तरह के विमान का इस्तेमाल अमेरिकी सेना लंबी दूरी के मिशनों में करती है। इसका मुख्य काम उड़ान के दौरान फाइटर जेट और अन्य सैन्य विमानों में हवा में ही ईंधन भरना होता है।
US सेंट्रल कमांड के एक्स पर जानकारी दी, ‘12 मार्च को पश्चिमी इराक में एक अमेरिकी KC-135 रीफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार छह क्रू सदस्यों में से चार की मौत की पुष्टि हो गई है जबकि बचाव कार्य जारी है। इस घटना के कारणों की जांच की जा रही है। हालांकि, विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का कारण दुश्मन की गोलीबारी या अपनी ही सेना की गोलीबारी नहीं था। सेवा सदस्यों की पहचान तब तक गुप्त रखी जाएगी, जब तक उनके परिजनों को सूचित किए जाने के 24 घंटे पूरे नहीं हो जाते।’
Four Confirmed Deceased in Loss of U.S. KC-135 Over Iraq
TAMPA, Fla. – At approximately 2 pm ET on March 12, a U.S. KC-135 refueling aircraft went down in western Iraq. Four of six crew members on board the aircraft have been confirmed deceased as rescue efforts continue.
The…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 13, 2026
हालांकि समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार, इराक में सक्रिय ईरान समर्थित एक इस्लामिक संगठन ने इस विमान को गिराने की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। लेकिन यूएस सेंट्रल कमांड का कहना है कि इस हादसे के पीछे दुश्मन की कोई काररवाई नहीं थी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने बयान में बताया कि इस घटना में दो सैन्य विमान शामिल थे। इनमें से एक विमान सुरक्षित तरीके से उतर गया जबकि दूसरा विमान पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। कमांड ने यह भी कहा कि यह घटना ईरान को निशाना बनाकर चलाए जा रहे अमेरिकी ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के दौरान हुई और दुर्घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस घटना में शामिल दूसरा विमान भी KC-135 टैंकर ही था। स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं है, इसलिए ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है। यूएस सेंट्रल कमांड ने अपने बयान में कहा कि जैसे-जैसे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी, वैसे-वैसे और जानकारी साझा की जाएगी। वहीं ईरान समर्थित गुट के गठबंधन इस्लामिक रेजिस्टेंट इन इराक ने दावा किया है कि उसी ने अमेरिकी KC-135 रिफ्यूलिंग विमान को मार गिराया। संगठन का कहना है कि यह कदम ‘अपने देश की संप्रभुता और हवाई क्षेत्र की रक्षा’ के लिए उठाया गया।

