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अमेरिका के संघीय कर्मचारियों में अफरा-तफरी, मस्क की डेडलाइन से बढ़ी चिंता; विपक्ष ने साधा निशाना

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वाशिंगटन, 24 फ़रवरी।  एलन मस्क की तरफ से हजारों कर्मचारियों से 48 घंटे के भीतर अपनी पिछले हफ्ते की रिपोर्ट मांगने को लेकर अमेरिका में उहापोह की स्थिति है। क्योंकि कुछ एजेंसियों ने कर्मचारियों को जवाब देने को कहा, तो कुछ ने मना कर दिया है। जिसकी वजह से कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल है।

अमेरिका में संघीय कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है क्योंकि उन्हें सोमवार तक अपनी हालिया उपलब्धियों की सूची देने के लिए कहा गया है। यह आदेश डीओजीई के प्रमुख एलन मस्क की तरफ से दिया है। अगर कर्मचारी ऐसा नहीं करते, तो उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है।

एलन मस्क के इस आदेश का कई सरकारी एजेंसियों ने विरोध किया है। वहीं एफबीआई, विदेश विभाग, होमलैंड सिक्योरिटी और पेंटागन जैसी प्रमुख एजेंसियों ने अपने कर्मचारियों को इसे न मानने के निर्देश भी दिए हैं। जबकि कई सांसदों और यूनियनों ने इस आदेश को अवैध बताते हुए कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है।

मस्क ने मांगी रिपोर्ट, कर्मचारियों में तनाव
शनिवार को एलन मस्क की टीम ने सैकड़ों हजारों कर्मचारियों को ईमेल भेजकर 48 घंटे के भीतर अपनी पिछले हफ्ते की पांच उपलब्धियों की सूची देने को कहा है। एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जो कर्मचारी तय समय तक जवाब नहीं देंगे, वे अपनी नौकरी खो देंगे। रविवार शाम तक स्थिति और उलझ गई, कुछ एजेंसियों ने कर्मचारियों को जवाब देने को कहा, तो कुछ ने इसे रोकने की सलाह दी।

स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग (एचएचएस) के प्रमुख रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर ने पहले कर्मचारियों को आदेश दिया कि वे रिपोर्ट दें, लेकिन बाद में विभाग के वकील ने कहा कि ऐसा करने की जरूरत नहीं है। वहीं एचएचएस के कार्यवाहक जनरल काउंसल सीन केवेनी ने कर्मचारियों को भेजे ईमेल में लिखा, ‘मैंने प्रशासन की प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए पिछले हफ्ते 70 घंटे काम किया। फिर भी यह मेल पाकर मैं अपमानित महसूस कर रहा हूं।’

राजनीतिक हलकों में भी मचा बवाल
रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों के कई नेता मस्क की इस मांग की आलोचना कर रहे हैं। रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कर्टिस ने कहा, ‘मस्क को समझना चाहिए कि ये कर्मचारी भी इंसान हैं। इनके परिवार हैं, इनके कर्ज हैं। छंटनी जरूरी हो सकती है, लेकिन इसे अमानवीय तरीके से करना गलत है।’ एफबीआई के नए निदेशक काश पटेल, जो ट्रंप के करीबी माने जाते हैं, ने कर्मचारियों को आदेश दिया कि वे मस्क के अनुरोध को फिलहाल अनदेखा करें। इसी तरह, विदेश विभाग और रक्षा विभाग ने भी कर्मचारियों को कहा कि वे कोई रिपोर्ट न दें।

मस्क का दावा: फर्जी कर्मचारी ले रहे वेतन
एलन मस्क ने अपनी मांग को सरल जांच प्रक्रिया बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ‘कई सरकारी कर्मचारी इतनी कम मेहनत कर रहे हैं कि वे अपना ईमेल तक नहीं देख रहे। कुछ मामलों में मृत लोगों के नाम पर वेतन लिया जा रहा है, यानी साफ-साफ धोखाधड़ी हो रही है।’ हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया।

सरकारी नौकरियों पर संकट गहराया
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले महीने में हजारों सरकारी कर्मचारी पहले ही अपनी नौकरियां गंवा चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हजारों कर्मचारी या तो बर्खास्त हो चुके हैं या उन्हें खुद से इस्तीफा देने का विकल्प दिया गया है। आने वाले हफ्ते में और छंटनी की आशंका है।

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