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अमेरिकी तट रक्षक बल ने वेनेजुएला से जुड़े दो तेल टैंकरों को पकड़ा, एक पर था रूस का झंडा

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नई दिल्ली, 7 जनवरी। अमेरिका ने कहा है कि उसकी सेना ने वेनेजुएला से जुड़े दो तेल टैंकरों को जब्त कर लिया है। इनमें से एक टैंकर (जिसके बारे में बताया गया है कि उसमें कोई तेल नहीं था) उत्तरी अटलांटिक सागर में (आइसलैंड और ब्रिटेन के बीच) कब्जे़ में लिया गया। मैरिनेरा नाम के इस जहाज पर रूस का झंडा लगा था। तले लदे दूसरे टैंकर को कैरेबियन सागर में जब्त किया गया। यह टैंकर कैमरून के झंडे के तहत सफर कर रहा था।

इससे पहले अमेरिकी यूरोपीय कमान (US European Command) ने बुधवार को पुष्टि की कि वेनेजुएला के तेल व्यापार से जुड़े रूसी टैंकर ‘मैरिनेरा’ को अमेरिकी सेना और कोस्ट गार्ड ने संयुक्त ऑपरेशन में अपने नियंत्रण में ले लिया है। फेडरल कोर्ट के वारंट के आधार पर की गई यह काररवाई प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप में की गई है।

रूस ने टैंकर जब्त किए जाने की कड़ी निंदा की

वहीं रूस ने अपने झंडे के तहत चल रहे टैंकर को जब्त किए जाने की कड़ी निंदा की है। रूस के परिवहन मंत्रालय ने कहा कि उसने इस जहाज (मैरिनेरा) को रूसी झंडा इस्तेमाल करने की अस्थायी अनुमति दी थी। मंत्रालय ने यह भी कहा कि किसी भी देश को दूसरे देशों के अधिकार क्षेत्र में विधिवत रजिस्टर्ड जहाजों के खिलाफ बल प्रयोग करने का अधिकार नहीं है।

रूसी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से की यह मांग

इसके साथ ही रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से मांग की है कि वह ‘मैरिनेरा जहाज पर सवार रूसी नागरिकों के साथ मानवीय और उचित व्यवहार सुनिश्चित करे।’ मंत्रालय ने यह भी कहा है कि अमेरिका को रूस में उनकी जल्द से जल्द वापसी में बाधा नहीं डालनी चाहिए। बताया जा रहा है कि अमेरिकी तट रक्षक बल इस जहाज को वेनेजुएला के तट के पास रोकने के बाद इसका कई हफ्तों से पीछा कर रहे थे।

अमेरिकी तट रक्षक दल से बचने के लिए टैंकर का नाम बदल दिया गया था

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी तट रक्षक दल जब पीछा कर रहे थे, उस दौरान टैंकर ने अपना नाम बदल लिया और रूसी झंडा लगा लिया। इस टैंकर को पहले ‘बेला-1’ के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब इसका नाम बदलकर ‘मैरिनेरा’ कर दिया गया है।

मॉस्को ने टैंकर की सुरक्षा के लिए पनडुब्बी भेजी, लेकिन वह देर से पहुंची

दूसरी तरफ यह खबर भी सामने आई है कि टैंकर को बचाने के लिए रूस की ओर से पनडुब्बी सहित सैन्य मदद रास्ते में थी, लेकिन उससे पहले ही टैंकर को जब्त कर लिया गया। हालांकि रूसी अधिकारियों ने उन रिपोर्टों पर कोई टिप्पणी नहीं की है, जिनमें कहा गया है कि मॉस्को ने टैंकर की सुरक्षा के लिए एक पनडुब्बी भेजी थी, लेकिन एक रायबार नाम की एक वेबसाइट ने दावा किया कि पनडुब्बी टैंकर के पास 24 घंटे विलंब से पहुंची थी।

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