वॉशिंगटन, 8 अप्रैल। अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के युद्धविराम पर सहमति बन गई है, जिसे इजराइल ने भी समर्थन दिया है। ह्वाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत कर इस समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में अहम भूमिका निभाई।
ट्रंप ने नेतन्याहू से बातचीत कर समझौते को दिया अंतिम रूप, आसिम मुनीर से भी चर्चा
ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने डील पक्की करने के लिए नेतन्याहू से बात की। इसके अलावा उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर से भी युद्धविराम को लेकर चर्चा की।
🚨 President Donald J. Trump makes a statement on Iran: pic.twitter.com/9mqTayL0Q3
— The White House (@WhiteHouse) April 7, 2026
ट्रंप ने ईरान से समझौते के लिए डेडलाइन तय की थी
दिलचस्प यह है कि पिछले 40 दिनों (28 फरवरी) से जारी जंग के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को समझौता करने के लिए मंगलवार को वॉशिंगटन समय के अनुसार रात आठ बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार को भोर में 5.30 बजे) तक का समय दिया था। इस डेडलाइन के तहत ईरान को मंगलवार को एक समझौते पर राजी होना था, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना शामिल था। ऐसा न करने पर उसे कड़े हमलों का सामना करना पड़ेगा।
उक्त डेडलाइन की अवधि खत्म होने के लगभग 12 घंटे पहले ट्रंप ने ईरान को एक और चेतावनी देते हुए कहा था कि मंगलवार रात ‘एक पूरी सभ्यता नष्ट हो जाएगी। फिलहाल डेडलाइन खत्म होने के पहले ही ट्रंप ने इस सीजफायर की घोषणा की।
हमले रोकने के बदले होर्मुज स्ट्रेट खोलने की शर्त
यह बातचीत ऐसे समय में हुई, जब अमेरिका ने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए दो सप्ताह का समय देने का फैसला किया। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान इस अहम समुद्री मार्ग को सुरक्षित और तुरंत खोलने पर सहमत होता है तो अमेरिका हमले रोक देगा।
OFFICIAL STATEMENT OF IRAN: pic.twitter.com/IZ9qoGpgK8
— The White House (@WhiteHouse) April 7, 2026
ईरान ने शर्तों के साथ दी मंजूरी
वहीं ईरान ने इस प्रस्ताव को कुछ शर्तों के साथ स्वीकार किया है। उसने कहा कि यदि हमले बंद रहते हैं, तो वह भी अपनी गतिविधियों को सीमित करेगा और जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही की अनुमति देगा।
इजराइल ने भी जताई सहमति
ह्वाइट हाउस के अनुसार, इजराइल ने भी दो हफ्ते की इस रोक का समर्थन किया है। यह कदम क्षेत्र में तनाव कम करने और हालात को स्थिर करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
This is a victory for the United States that President Trump and our incredible military made happen.
From the very beginning of Operation Epic Fury, President Trump estimated this would be a 4-6 week operation.
Thanks to the unbelievable capabilities of our warriors, we have…
— Karoline Leavitt (@PressSec) April 8, 2026
ह्वाइट हाउस ने कहा – यह अमेरिका की जीत
ट्रंप प्रशासन ने इस युद्धविराम को सैन्य अभियानों के बाद अपनाई गई एक बड़ी रणनीति का हिस्सा बताया है। ह्वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, ‘यह अमेरिका की जीत है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप और हमारी सेना ने संभव बनाया है।’
आगे की बातचीत के लिए मिला समय
फिलहाल, यह दो हफ्तों का युद्धविराम इसलिए तय किया गया है ताकि जारी वार्ताओं के दौरान एक व्यापक समझौते को अंतिम रूप देने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। ह्वाइट हाउस ने संकेत दिया है कि इस अभियान और बातचीत से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द साझा की जाएगी।

