नई दिल्ली, 24 मई। पश्चिम एशिया में पिछले लगभग तीन माह से जारी संकट टलने के संकेत मिल रहे हैं। इसके तहत अमेरिका और ईरान एक ऐसे समझौते के करीब हैं, जिसमें 60 दिनों का संघर्ष विराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की बात है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में संभावनाओं की ओर इशारा किया। वहीं ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने भी ‘एमओयू पर काम जारी’ कहकर सकारात्मक संकेत दिए। इस बीच एक रिपोर्ट ‘60 डे डील’ की बात कर रही है।
संभावित समझौते की अहम बातें
अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान एक ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर करने के बेहद करीब हैं, जिसमें 60 दिनों के संघर्ष विराम विस्तार का प्रस्ताव शामिल है। इस अवधि के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोला जाएगा, ईरान को स्वतंत्र रूप से तेल बेचने की अनुमति होगी और उसके परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर बातचीत की जाएगी। यह जानकारी एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दी गई है।
60 दिनों के दौरान होर्मुज बिना किसी टोल शुल्क के खुला रहेगा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, समझौता ज्ञापन के तहत इन 60 दिनों के दौरान होर्मुज बिना किसी टोल शुल्क के खुला रहेगा। ईरान उन समुद्री बारूदी सुरंगों (माइंस) को हटाने पर भी सहमत होगा, जिन्हें उसने कथित तौर पर बिछाया है, ताकि जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रह सके।
अमेरिका भी ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए अपने प्रतिबंध हटाएगा
प्रस्तावित समझौते के तहत अमेरिका इसके बदले में ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए अपने प्रतिबंध हटाएगा और कुछ प्रतिबंधों में छूट देगा, जिससे ईरान को खुलकर तेल बेचने की अनुमति मिल सके। मसौदा समझौते में ईरान की यह प्रतिबद्धता भी शामिल है कि वह कभी परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेगा। साथ ही, वह अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को सस्पेंड करने और अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को हटाने पर बातचीत करेगा।
इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष भी समाप्त किया जाएगा
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस समझौते के तहत इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष समाप्त किया जाएगा। हालांकि, यदि हिज्बुल्लाह किसी हमले की शुरुआत करता है या हमला करता है, तो इजराइल को जवाबी काररवाई करने की अनुमति होगी।
यदि हिज्बुल्लाह शांत रहता है तो इजराइल भी शांत रहेगा
अमेरिकी अधिकारी ने कहा, ‘यदि हिज्बुल्लाह शांत रहता है तो इजराइल भी शांत रहेगा। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अपनी घरेलू राजनीतिक चिंताएं हैं, लेकिन ट्रंप को अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था के हितों के बारे में सोचना है।’ रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू ने शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बातचीत में कई मुद्दों पर चिंता व्यक्त की।
एक्सियोस के अनुसार, ईरान ने मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका को मौखिक आश्वासन दिया है कि वह यूरेनियम संवर्धन रोकने और परमाणु सामग्री छोड़ने को लेकर किस हद तक रियायतें देने को तैयार है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका 60 दिनों की अवधि के दौरान ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने और उसके जमा फंड्स को जारी करने पर भी बातचीत करने के लिए सहमत होगा।
जल्द की जा सकती है समझौते की घोषणा
अमेरिकी अधिकारी ने उम्मीद जताई कि इस समझौते की घोषणा जल्द की जा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार यदि तेहरान ट्रंप की परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी मांगों को स्वीकार करता है, तो दोनों देशों के संबंधों को ‘रीसेट’ करने और ईरान को अपनी पूरी आर्थिक क्षमता तक पहुंचने का अवसर मिल सकता है।

