लखनऊ, 6 जून। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अलीगढ़ फेज-1 डिफेंस नोड में भूमि आवंटित तीन कंपनियों के आवंटन रद्द कर दिए हैं। यह कार्रवाई कंपनियों द्वारा करीब पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य और औद्योगिक गतिविधियां शुरू न करने के कारण की गई है।
यूपीडा के अनुसार यह कदम राज्य सरकार की उस नीति के तहत उठाया गया है, जिसके तहत रक्षा एवं एयरोस्पेस विनिर्माण के लिए आरक्षित भूमि का समयबद्ध निवेश, जवाबदेही और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। प्राधिकरण ने कहा कि संबंधित कंपनियां बार-बार की गई समीक्षा और निगरानी के बावजूद अपनी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में आगे नहीं बढ़ा सकीं।
अधिकारियों का कहना है कि परियोजनाओं में लंबे समय तक हुई देरी से औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की संभावनाएं प्रभावित हो रही थीं। अनुपालन समीक्षा के बाद उपीडा ने लीज समझौते के प्रावधानों के तहत आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया पूरी की। यूपिडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है और इसके भीतर उपलब्ध भूमि रक्षा विनिर्माण के लिए एक रणनीतिक संसाधन है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल वही निवेशक भूमि आवंटन बनाए रख सकेंगे जो निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के प्रति गंभीरता दिखाएंगे। प्राधिकरण ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा जारी रहेगी और निर्धारित शर्तों का पालन न करने वाले आवंटियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे डिफेंस कॉरिडोर में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि रद्द किए गए आवंटनों में जुलाई 2021 में 100 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश के लिए 4.5 हेक्टेयर भूमि प्राप्त करने वाली जय साई अनु, जून 2021 में 20 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव के साथ 1.6 हेक्टेयर भूमि पाने वाली नवराज मेटल्स तथा जून 2021 में 4 करोड़ रुपये के निवेश के लिए 0.4 हेक्टेयर भूमि आवंटित पीबीएम इंसुलेशंस शामिल हैं।

