लखनऊ, 7 मार्च। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत 27 अक्टूबर से 6 मार्च तक कुल 44,952 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इनमें से अधिकांश मामलों में मतदाताओं ने स्वयं कार्रवाई करते हुए नाम हटवाए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 37,132 मामलों में मतदाताओं ने खुद आवेदन देकर नाम हटवाए, जबकि अन्य मामलों में माइग्रेशन या फॉर्म-7 के माध्यम से नाम विलोपित किए गए।
उन्होंने बताया कि कुल हटाए गए नामों में 27,118 माइग्रेशन, 10,014 स्वयं हटवाने (Deletion of Self) और 7,620 फॉर्म-7 के जरिए नाम कटे हैं। निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार अब तक प्राप्त दावों और आपत्तियों में से करीब 86 प्रतिशत मामलों की सुनवाई पूरी कर ली गई है। जिन आवेदकों ने सही दस्तावेज प्रस्तुत किए, उनके नाम मतदाता सूची में जोड़ दिए गए हैं।
6 जनवरी से शुरू हुई दावा-आपत्ति प्रक्रिया के दौरान अब तक 70 लाख 69 हजार आवेदन प्राप्त हुए। इनमें पुरुषों के 34.96 लाख, महिलाओं के 35.72 लाख और अन्य लिंग के 296 आवेदन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के कुल 86.69 लाख आवेदन 27 अक्टूबर से प्राप्त हुए हैं, जिनमें 43.06 लाख पुरुष और लगभग 43 लाख महिलाओं ने आवेदन किया। वहीं फॉर्म-7 (नाम हटाने) के 3.18 लाख आवेदन मिले, जिनमें 1.58 लाख पुरुष और 1.10 लाख महिलाओं के आवेदन शामिल हैं।
इसी अवधि में फॉर्म-8 (संशोधन) के 22.55 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 13.38 लाख पुरुषों ने आवेदन किया। इसके अलावा एनआरआई मतदाताओं के लिए फॉर्म-6ए के 2,624 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 2,199 पुरुष आवेदक हैं। निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि दावा-आपत्ति के आधार पर सुनवाई जारी है और पात्र आवेदकों के नाम नियमानुसार मतदाता सूची में जोड़े जा रहे हैं।

