लखनऊ, 2 मार्च। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर के बाद उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। राजधानी लखनऊ समेत राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शनों और शोक सभाओं को देखते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने सभी जिलों के कप्तानों (SP), आईजी और एडीजी को खुद फील्ड पर उतरने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रदर्शन वाली जगहों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और व्हाट्सएप पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर सायबर सेल की पैनी नजर है।
- त्योहारों के बीच बढ़ी संवेदनशीलता
वर्तमान में होली और रमजान का समय चल रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी कीमत पर सांप्रदायिक सौहार्द नहीं बिगड़ना चाहिए। वहीं किसी भी प्रकार के हिंसक प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। जो भी व्यक्ति शांति भंग करने या अफवाह फैलाने की कोशिश करेगा, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। सुरक्षा के मद्देनजर खुफिया विभाग (LIU) को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। जिलों में पुलिस की टीमें सादे कपड़ों में तैनात रहेंगी ताकि छोटी से छोटी गतिविधि की जानकारी तुरंत मिल सके।
इसके साथ ही दंगा नियंत्रण उपकरणों की जांच करने और यूपी 112 की गाड़ियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है। डीजीपी ने साफ किया है कि अगर सोशल मीडिया पर कोई गलत खबर फैलती है, तो पुलिस अधिकारी तुरंत उसका खंडन करें ताकि जनता में भ्रम न फैले। थाना और सर्किल स्तर पर पुलिस को अलर्ट मोड में रहने और स्थानीय धर्मगुरुओं से संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

