लखनऊ, 1 मई। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय शुक्रवार को अपराह्न प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें तत्काल लखनऊ के मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां इमरजेंसी में डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सम्मेलन के दौरान बेहोश होकर गिरे
प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां गांधी भवन में ‘प्रदेश स्तरीय शिक्षक एवं चिकित्सक सम्मेलन’ के दौरान सुप्रिया श्रीनेत व अविनाश पांडे सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान अजय राय मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे, तभी अचानक बेहोश होकर गिर पड़े, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
बुद्ध पूर्णिमा और मजदूर दिवस के पावन अवसर पर आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा लखनऊ के गांधी भवन में 'प्रदेश स्तरीय शिक्षक एवं चिकित्सक सम्मेलन' का भव्य आयोजन किया गया।
राष्ट्र के निर्माता शिक्षकों और जीवन रक्षक चिकित्सकों के साथ मिलकर एक न्यायप्रिय और समृद्ध प्रदेश के… pic.twitter.com/KSh6lBQFa1
— Ajay Rai🇮🇳 (@kashikirai) May 1, 2026
घटना के बाद कार्यक्रम को तुरंत रोक दिया गया और कार्यकर्ताओं में चिंता का माहौल बन गया। वहीं अजय राय को आनन-फानन में मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां इमरजेंसी में भर्ती कर उनका इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और फिलहाल उनकी हालत पर करीबी नजर रखी जा रही है।
सोडियम लेवल कम होने से बिगड़ी हालत
प्रारंभिक जांच पड़ताल में यह पाया गया कि अजय राय के शरीर में सोडियम का स्तर अचानक कम हो गया था, जिसके चलते उन्हें चक्कर आया और वे बेहोश हो गए। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी उन्हें बेचैनी और शरीर में दर्द की शिकायत थी, लेकिन कार्यक्रम के बीच अचानक उनकी स्थिति ज्यादा गंभीर हो गई।
अस्पताल में कांग्रेस नेता की कई मेडिकल जांच की जा रही है ताकि उनकी तबीयत बिगड़ने की असली वजह का पता लगाया जा सके। डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पूरी तरह से स्वस्थ होने तक उन्हें निगरानी में रखा जाएगा।
भाषण में सरकार पर साधा था निशाना
बेहोश होने से पहले अजय राय ने अपने संबोधन के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा कि यदि कोई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों का विरोध कर रहा है तो वह कांग्रेस परिवार है। उन्होंने यह भी कहा कि यह लड़ाई केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी इसमें जरूरी है।
शिक्षकों, डॉक्टरों और आम जनता के संघर्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं की मेहनत की सराहना की। हालांकि, भाषण के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने से पूरा माहौल बदल गया और अब सभी की नजर उनके स्वास्थ्य अपडेट पर टिकी हुई है।

