Site icon hindi.revoi.in

तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन का दावा – यूक्रेन से जंग खत्म करना चाहते हैं रूसी राष्ट्रपति पुतिन

Social Share
FacebookXLinkedinInstagramTelegramWhatsapp

न्यूयॉर्क, 21 सितम्बर। यूक्रेन-रूस के बीच लगभग सात माह से जारी युद्ध के बीच तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तइप एर्दोगन ने दावा किया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन अब जंग को और लंबा नहीं खींचते हुए इसे खत्म करने के बारे में गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

पीएम मोदी से मुलाकात में पुतिन भी ऐसा संकेत दे चुके हैं

वैसे इस संबंध में रूसी राष्ट्रपति पुतिन भी पिछले शुक्रवार को समरकंद में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मुलाकात में चर्चा के दौरान कह चुके हैं कि वह यूक्रेन युद्ध को जल्द समाप्त करने पर विचार कर रहे हैं। एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से यह भी कहा था कि ‘यह युद्ध का कोई युग नहीं है।’ उसके जवाब में पुतिन ने कहा था, ‘हम इसे जल्द से जल्द रोकने की पूरी कोशिश करेंगे।’

युद्ध समस्या में एक उचित, व्यावहारिक और कूटनीतिक समाधान खोजने की जरूरत

राष्ट्रपति एर्दोगन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के उद्घाटन सत्र में कहा, ‘हम सभी को रूस-यूक्रेन युद्ध समस्या में एक उचित, व्यावहारिक और कूटनीतिक समाधान खोजने की जरूरत है, जो दोनों पक्षों को युद्ध संकट से बाहर निकलने का एक सम्मानजनक रास्ता दे।’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एर्दोगन ने यूक्रेन-रूस जंग में इस खबर की पुष्टि की है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन अब इस युद्ध को रोकने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। तुर्की प्रमुख एर्दोगन की बातों को उस समय बल मिलता दिखा, जब यूक्रेन के डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया के रूसी-नियंत्रित क्षेत्रों के अलगाववादी नेताओं ने औपचारिक रूप से रूसी संघ में शामिल होने के लिए एक जनमत संग्रह की तारीखों की घोषणा कर दी है।

यूक्रेन के साथ 200 कैदियों की अदला-बदली के संबंध में भी बात कर रहा रूस

इसके अलावा युद्ध क्षेत्र से आ रही खबरों के अनुसार रूस अब यूक्रेन के साथ 200 कैदियों की अदला-बदली के संबंध में भी बात कर रहा है। वहीं तुर्की दोनों पक्षों की ओर से हथियार डाले जाने के संबंध में सक्रिय रूप से बीच का रास्ता तलाश रहा है।

इस बीच पीएम मोदी और पुतिन के बीत हुई चर्चा के विषय में रूस में पूर्व राजदूत पी.एस. राघवन ने कहा, ‘यूक्रेन-रूस युद्ध समाप्त होना दोनों पक्षों के लिए सबसे अच्छा विकल्प है। इसी तरह की स्थिति मार्च में हुई, जब दोनों पक्ष सशर्त रूप से एक समझौते पर पहुंचे, लेकिन उस समय युद्ध को नहीं रोका जा सकता था।’

वस्तुतः संयुक्त राष्ट्र महासभा की कार्यवाही में रूस-यूक्रेन युद्ध के हावी होने के आसार नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की हथियारों और सहायता वितरण में तेजी लाने के लिए बुधवार को यूएस महासभा को संबोधित भी करेंगे।

Exit mobile version