नई दिल्ली, 28 फरवरी। कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष में इस्लामाबाद के प्रति समर्थन जताना भारत की गले मिलने वाली कूटनीति (हग्लोमैसी) के लिए एक और झटका है तथा “स्वघोषित विश्वगुरु” बेनकाब हो गए हैं। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ट्रंप बार-बार पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तारीफ करते हैं जिसने भड़काऊ बयान देकर पहलगाम आतंकी हमले की भूमिका तैयार की थी। दरअसल ट्रंप ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष में पाकिस्तान के प्रति समर्थन जताया है।
उन्होंने कहा, “मेरे पाकिस्तान के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। उनके पास एक बेहतरीन प्रधानमंत्री हैं, एक बेहतरीन जनरल हैं… वे उन लोगों में से हैं, जिनका मैं बहुत सम्मान करता हूं। पाकिस्तान इस समय (सैन्य संघर्ष में) बेहद अच्छा कर रहा है।” कांग्रेस नेता रमेश ने ट्रंप के बयान का हवाला देते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “अफगानिस्तान के साथ युद्ध में पाकिस्तान के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का पूर्ण और स्पष्ट समर्थन भारत की गले मिलने वाली कूटनीति (हग्लोमैसी) के लिए एक और झटका है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने एक बार फिर उस आसिम मुनीर की जमकर प्रशंसा की है, जिसके भड़काऊ बयान ने 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में पाकिस्तान द्वारा किए गए आतंकवादी हमले की भूमिका तैयार की थी।
President Trump’s full-throated and categorical support for Pakistan in its war with Afghanistan is another setback for Indian ‘huglomacy.’
He has once again gone out of his way to praise the man whose inflammatory remarks provided the backdrop to the terrorist attacks in… pic.twitter.com/TuLyt8mzyJ
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) February 28, 2026
उन्होंने कहा, ”अमेरिका के साथ हमारी आर्थिक कूटनीति बुरी तरह विफल रही है, जिसका प्रमाण यह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अचानक एक स्पष्ट रूप से एकतरफा व्यापार समझौते के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस समझौते में भारत ने ठोस प्रतिबद्धताएं की हैं खासकर अमेरिकी किसानों से आयात करने को लेकर, जबकि अमेरिका ने भारत से अधिक निर्यात की अनुमति देने के संबंध में केवल अस्पष्ट आश्वासन दिए हैं। इतना ही नहीं, समझौते के कुछ दिनों बाद अमेरिका ने भारत से सौर उत्पादों पर 125.87 प्रतिशत आयात शुल्क लगा दिया।”
कांग्रेस नेता ने कहा, “हमारी सामरिक कूटनीति को राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान के साथ मेलजोल बढ़ाए जाने और भारत और पाकिस्तान का राग अलापने से बार-बार झटका लगा है।” रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने जतन से पुरस्कार प्राप्त करने में सफल हो सकते हैं। लेकिन सच तो यह है कि “स्व-घोषित विश्वगुरु” बेनकाब हो गए हैं और दुनिया, खासकर अमेरिका को उनकी पहचान हो गई है।

