वॉशिंगटन, 26 मार्च। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान उनके सामने गिड़गिड़ा रहा है और वो डील की भीख मांग रहा है। ट्रंप ने साथ ही धमकी भरे अंदाज में कहा है कि तेहरान को बातचीत के प्रति जल्द ही गंभीर हो जाना चाहिए, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए।
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल एप पर कहा – ‘ईरानी वार्ताकार बहुत अलग और अजीब हैं। वे हमसे डील करने के लिए गुजारिश कर रहे हैं, जो उन्हें करना चाहिए क्योंकि वो सैन्य रूप से खत्म हो चुके हैं। उनके पास वापसी का कोई मौका नहीं है, और फिर भी वे सबके सामने कहते हैं कि वे सिर्फ हमारे प्रस्ताव को देख रहे हैं। गलत! उन्हें जल्द ही गंभीर हो जाना चाहिए, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, क्योंकि एक बार ऐसा हो गया तो पीछे मुड़ना मुमकिन नहीं है और यह अच्छा नहीं होगा!’
बातचीत की संभावना पर ईरान ने दिए हैं मिले-जुले संकेत
वहीं दूसरी ओर ईरान ने बातचीत की संभावना पर मिले-जुले संकेत दिए हैं, जब ऐसी खबरें आईं कि ट्रंप प्रशासन ने इस हफ्ते की शुरुआत में पाकिस्तान के जरिए तेहरान को 15-सूत्रीय संघर्ष विराम योजना पेश की है। ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि तेहरान ने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सरकारी मीडिया को बताया कि उनकी सरकार ने युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत नहीं की है और न ही उनकी किसी बातचीत की योजना है। हालांकि उन्होंने माना कि यूएस ने दूसरे देशों के जरिए ईरान को संदेश भेजने की कोशिश की थी, उन्होंने कहा कि यह न तो बातचीत थी और न ही कोई नेगोशिएशन।
5 दिनों तक हमला न करने करने की ट्रंप की मियाद शुक्रवार को पूरी हो रही
देखा जाए तो धमकी, चेतावनी और विरोध के बीच पश्चिम एशिया ही नहीं पूरी दुनिया के लिए 27 मार्च का दिन काफी अहम है। 23 मार्च को ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता का दावा करते हुए कहा था कि बातचीत ‘सकारात्मक और रचनात्मक’ है, इसलिए वो ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले के फैसले को अगले पांच दिनों के लिए टाल रहे हैं। इसकी मियाद शुक्रवार को समाप्त हो रही है।

