वॉशिंगटन, 8 अप्रैल। ईरान के खिलाफ दो हफ्तों के लिए युद्धविराम की सहमति के कुछ घंटे बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन प्रभावशाली रहा है और अब अमेरिका उसके साथ मिलकर काम करेगा। ट्रंप का यह बयान युद्धविराम के बीच ईरान को लेकर उनके बदलते रुख को संकेत दे रहा है।
ट्रंप ने इसी क्रम में ईरान के लिए एक ‘शांति प्लान’ जारी करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट में कहा कि ईरान अब यूरेनियम संवर्धन की दिशा में आगे नहीं बढ़ेगा और अमेरिका इस बात को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ईरान के जमीन के गहराई में छिपे परमाणु ठिकानों में मौजूद सामग्री को हटाने की प्रक्रिया की निगरानी करेगी।
𝐃𝐨𝐧𝐚𝐥𝐝 𝐉. 𝐓𝐫𝐮𝐦𝐩 𝐓𝐫𝐮𝐭𝐡 𝐒𝐨𝐜𝐢𝐚𝐥 𝐏𝐨𝐬𝐭 𝟎𝟕:𝟐𝟐 𝐀𝐌 𝐄𝐒𝐓 𝟎𝟒.𝟎𝟖.𝟐𝟔 pic.twitter.com/y3Sa7QNl6Z
— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) April 8, 2026
इन परमाणु सामग्रियों को ‘न्यूक्लियर डस्ट’ का नाम देते हुए ट्रंप ने यह भी कहा कि इन परमाणु स्थलों पर लगातार सैटेलाइट से नजर रखी जा रही है और अब तक किसी भी परमाणु सामग्री को वहां से हटाया नहीं गया है।
समझौते की दिशा में बढ़ते कदम
ट्रंप ने संकेत दिए कि दोनों देशों के बीच व्यापक समझौते की दिशा में बातचीत आगे बढ़ रही है। उनके अनुसार प्रस्तावित समझौते के कई अहम बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है और ‘15 में से कई बिंदु’ फाइनल किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत को लेकर भी चर्चा जारी है। इससे दोनों देशों के बीच आने वाले समय में आर्थिक संबंधों में नरमी आ सकती है।
ईरान को हथियार देने वाले देशों को चेतावनी
हालांकि ट्रंप ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई देश ईरान को सैन्य हथियार सप्लाई करता है तो उस पर अमेरिका तुरंत 50% टैरिफ लगा देगा। उन्होंने साफ किया कि यह कदम बिना किसी छूट या अपवाद के लागू होगा।
𝐃𝐨𝐧𝐚𝐥𝐝 𝐉. 𝐓𝐫𝐮𝐦𝐩 𝐓𝐫𝐮𝐭𝐡 𝐒𝐨𝐜𝐢𝐚𝐥 𝐏𝐨𝐬𝐭 𝟎𝟕:𝟑𝟎 𝐀𝐌 𝐄𝐒𝐓 𝟎𝟒.𝟎𝟖.𝟐𝟔 pic.twitter.com/Odsyxo54zi
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डेडलाइन खत्म होने से तनिक पहले हुआ युद्धविराम
उल्लेखनीय है कि अमेरिका और ईरान के बीच यह युद्धविराम ऐसे समय पर हुआ, जब ट्रंप की ओर दी गई समयसीमा खत्म होने वाली थी। इस समझौते के तहत दोनों देशों ने दो सप्ताह के लिए जंग रोकने पर सहमति जताई। हालांकि, दोनों पक्षों ने इसे अपनी-अपनी जीत बताया है, लेकिन ईरान ने साफ किया है कि यह युद्ध तब तक खत्म नहीं माना जाएगा, जब तक अंतिम शर्तों पर सहमति नहीं बन जाती।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर सहमति
इसी क्रम में ईरान ने अस्थायी रूप से समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमति दी है। इससे क्रूड ऑयल की सप्लाई के मोर्च पर राहत मिली है और कीमतों में गिरावट देखी गई। लेकिन भविष्य में इस जलमार्ग के नियंत्रण, यूरेनियम कार्यक्रम और प्रतिबंधों को लेकर दोनों देशों के बीच गंभीर मतभेद अब भी बने हुए हैं।
खाड़ी देशों ने युद्धविराम का किया स्वागत
खाड़ी देशों ने इस युद्धविराम का स्वागत किया है, जो पिछले एक महीने से हमलों का सामना कर रहे थे। वहीं, ग्लोबल लीडर्स भी दोनों पक्षों से स्थायी शांति समझौते की अपील की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच आगे की बातचीत पाकिस्तान में हो सकती है, हालांकि ईरान ने कहा है कि वह ‘पूरी सावधानी और अविश्वास’ के साथ बातचीत करेगा।
तनाव अब तक पूरी तरह खत्म नहीं
वैसे ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने स्पष्ट किया है कि यह युद्धविराम युद्ध का अंत नहीं है। जब तक उनकी शर्तें पूरी नहीं होतीं, स्थायी शांति संभव नहीं होगी। इस बीच, बहरीन की राजधानी मनामा में विस्फोटों की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे साफ है कि इलाके में तनाव अब तक पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

