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टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने ICC पर खड़े किए सवाल– भारत व पाकिस्तान के मैच हमेशा एक ही ग्रुप में क्यों?

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दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल), 14 फरवरी। पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और मौजूदा समय पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्टी के सांसद कीर्ति आजाद ने विश्व क्रिकेट को संचालित करने वाली सर्वोच्च संस्था अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए सवाल खड़ा किया है कि ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत व पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में क्यों रखा जाता है।

उल्लेखनीय है कि चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान रविवार को आईसीसी टी20 विश्व कप के तहत श्रीलंका के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में आमने-सामने होंगे। इस महामुकाबले से पहले विश्व कप विजेता टीम के पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने ईटीवी भारत को दिए एक इंटरव्यू में ये आरोप लगाए।

कीर्ति आजाद ने यह सवाल उठाया है कि आखिर क्यों ICC T20 वर्ल्ड कप के हर सीजन में भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा जाता है। इसी क्रम में उन्होंने ICC और BCCI पर इस ग्रुप व्यवस्था को पहले से तय करने (फिक्सिंग) का आरोप लगाया है।

भारत व पाक हमेशा एक ही ग्रुप में क्यों ? क्या यह फिक्सिंग नहीं?

आजाद ने कहा, ‘मेरा एक सवाल है, जो मैं बोर्ड (BCCI) और ICC से पूछूंगा। आप देखेंगे कि हर बार ग्रुप में टीमें बदल जाती हैं। कभी ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड के साथ खेल रहा होती है तो कभी ऑस्ट्रेलिया किसी दूसरे ग्रुप में चला जाता है। कभी न्यूजीलैंड टीम आ जाती है। इन टीमों के ग्रुप बदलते रहते हैं। लेकिन, मुझे यह बताइए कि भारत और पाकिस्तान हमेशा एक ही ग्रुप में क्यों खेलते हैं? क्या यह फिक्सिंग नहीं है?’

पूर्व क्रिकेटर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, ‘ग्रुप की टीमों का चयन लॉटरी के जरिए किया जाता है, तो क्या हर बार भारत और पाकिस्तान एक ही ग्रुप में आते हैं? या फिर इन दोनों टीमों के नाम पहले से अलग रखे जाते हैं ताकि ये दोनों साथ में ही खेलें? यह मुद्दा उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठाता है।’

गौरतलब है कि 2014 से 2026 तक, आईसीसी टी20 विश्व कप के हर सीजन के मुख्य चरण में भारत और पाकिस्तान एक ही ग्रुप में रहे हैं। 2014, 2016, 2021, 2022 और 2024 के टी20 विश्व कप में दोनों टीमें एक ही ग्रुप का हिस्सा थीं।

क्रिकेट प्रशासन में राजनीति और भाई-भतीजावाद के खिलाफ भी आवाज उठाई

कीर्ति आजाद ने क्रिकेट प्रशासन में राजनीति और भाई-भतीजावाद के खिलाफ भी आवाज उठाई। उन्होंने राजनीति और भाई-भतीजावाद के उदाहरण के रूप में बीसीसीआई (BCCI) के पूर्व सचिव और वर्तमान आईसीसी अध्यक्ष जय शाह पर सीधा कटाक्ष किया।

कीर्ति ने कहा, ‘जब सुप्रीम कोर्ट के नेतृत्व में लोढ़ा समिति का गठन किया गया था, तब उन्होंने भी यही कहा था (कि क्रिकेट प्रशासन में राजनीतिक हस्तियां नहीं होनी चाहिए)। जस्टिस ठाकुर की बेंच ने भी यही बात कही थी। लेकिन, बाद में सभी नियम हटा दिए गए। अब आप देख सकते हैं कि शीर्ष पर कौन बैठा है।’

कीर्ति ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, ‘देखिए हम क्रिकेट के बारे में कितना जानते हैं। जय शाह, जो सुनील गावस्कर से भी बड़े बल्लेबाज हैं, आईसीसी में बैठे हैं। क्या उनसे बड़ा कोई और है? लोग भाई-भतीजावाद की बात करते हैं। कहा जाता है कि अगर पिता है, तो बेटा सुरक्षित है। यहां, पिता राजनीति में हैं और बेटा आईसीसी में। हम कौन होते हैं, हम तो क्रिकेट खेल भी नहीं सकते। क्रिकेट खेलना तो जय शाह जानते हैं। उनके अलावा और कोई क्रिकेट खेलना नहीं जानता।’

आजाद का मानना है कि आईसीसी और बीसीसीआई को पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए। उनके अनुसार, क्रिकेट खेलने की परंपरा को जीवित रखने के लिए इसके प्रशासन का पारदर्शी और निष्पक्ष होना सबसे पहली शर्त है।

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