चंडीगढ़, 26 फरवरी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से मेरठ की सफल रैपिड रेल शुरू होने के बाद जल्द ही दिल्ली-एनसीआर वासियों भी इसकी सौगात मिलेगी। सरकार की नई योजना के तहत नमो भारत जल्द ही गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा को जोड़ेगा।
लगभग 61 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर छह स्टेशन होंगे
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस बाबत जानकारी देते हुए बताया कि नमो भारत RRTS कॉरिडोर के फाइनल अलाइनमेंट को मंजूरी मिल गई है। सरकार ने रूट को फाइनल करने के लिए मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) के साथ मीटिंग की। लगभग 61 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर छह स्टेशन होंगे। पूरे प्रोजेक्ट पर 15,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
गुरुग्राम के इफको चौक से शुरू होगा रूट
रूट गुरुग्राम के इफको चौक से शुरू होगा। दिल्ली से बावल तक चलने वाली नमो भारत एक्सप्रेस का भी यहां एक स्टेशन है। दोनों रूट यहां जुड़ेंगे। नमो भारत एक्सप्रेस फिर फरीदाबाद में ब्रिगेडियर उस्मान चौक, बाटा चौक और सेक्टर 85 से होते हुए नोएडा पहुंचेगी, जिसका एक स्टेशन सेक्टर 142 में प्रस्तावित है। इसके बाद इसे सूरजपुर में गाजियाबाद-जेवर रूट से जोड़ा जाएगा।
प्रस्तावित रूट से नोएडा-गुरुग्राम यात्रा समय में काफी बचत होगी
इस प्रस्तावित रूट से नोएडा-गुरुग्राम यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। दावा है कि यात्रा में 38 मिनट लगेंगे। एक बार दो अन्य नमो भारत रूट से जुड़ने के बाद, यात्री इसका इस्तेमाल NCR के किसी भी शहर में यात्रा करने के लिए कर सकेंगे।
सरकार ने इन शहरों को एक ऑर्बिटल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट के जरिए जोड़ने का प्रस्ताव दिया है, जो NCR के 10 से ज्यादा शहरों को जोड़ेगा। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर पहले से ही चालू है, जो इस क्षेत्र के भविष्य के ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क की एक झलक दिखाता है।
गाजीपुर-नोएडा-जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर भी प्रस्तावित
एक और प्रस्तावित कॉरिडोर गाजीपुर-नोएडा-जेवर एयरपोर्ट कॉरिडोर है, जो आने वाले जेवर एयरपोर्ट को सीधी कनेक्टिविटी देगा। इस कॉरिडोर को मंजूरी मिल गई है और इसके 72 किलोमीटर लंबा होने की उम्मीद है। यह गाजीपुर को ग्रेटर नोएडा और जेवर एयरपोर्ट से जोड़ेगा, जिससे यात्रियों के लिए एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर भी NCRTC की प्राथमिकता सूची में शामिल
दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर भी NCRTC की प्राथमिकता सूची का हिस्सा है, जिसका मकसद NCR के खास शहरों को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देना है। यह कॉरिडोर दिल्ली को पानीपत और करनाल से जोड़ेगा, जिससे इलाके में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इन कॉरिडोर्स को 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य
सरकार का विजन है कि इन कॉरिडोर्स को 2030 तक पूरा कर लिया जाए, ताकि आने-जाने वालों को बेहतर और भरोसेमंद ट्रांसपोर्टेशन मिल सके। इन कॉरिडोर के बनने से न सिर्फ इलाके की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वहां रहने वालों की जिंदगी की क्वालिटी भी बेहतर होगी। जेवर एयरपोर्ट मार्च 2026 में खुलने वाला है, इसलिए सरकार यह पक्का करने के लिए काम कर रही है कि कॉरिडोर समय पर पूरे हो जाएं, जिससे एयरपोर्ट तक आसान कनेक्टिविटी मिल सके।

