लखनऊ, 21 मई। प्रचंड गर्मी और ताप लहरी का सामना कर रहे उत्तर प्रदेश के लोगों को राहत मिलने के फिलहाल कोई आसार नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहेगा। पूर्वांचल के लिये मौसम विभाग ने गुरुवार को विशेष तौर पर रेड अलर्ट जारी कर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने और सुबह 11 बजे से शाम पांच तक जरुरी काम से ही घर या दफ्तर से बाहर निकलने की सलाह दी है। गर्मी के तल्ख तेवरों ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। गर्मी से पशु पक्षी भी बेहाल हैं। दिन चढ़ने के साथ पक्षी पेड़ की घनी शाखाओं में दुबक रहे हैं वहीं सड़कों पर सुबह से शाम तक पसरा सन्नाटा गर्मी के प्रचंड रुप की तस्कीद कर रहा है। लू से बचने के लिये लोग घर से बाहर निकलते ही गीले गमछे और तौलिये का इस्तेमाल कर रहे है।
इसके अलावा ठंडे शीतल पेय जैसे लस्सी, छाछ,आम का पना,बेल का शरबत,गन्ने का रस और कई प्रकार के कोल्ड ड्रिंक्स की मांग तेजी से बढ़ी है। हर सौ कदम पर लोगों को इन पेय पदार्थो की जरुरत महसूस हो रही है। प्राणि उद्यान और अन्य संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों में जानवरों को गर्मी से बचाने के विभिन्न उपाय किये जा रहे हैं। कहीं कूलर तो कहीं पानी की बौछार कर वन्य जीवों को राहत प्रदान की जा रही है। गर्मी के प्रकोप को देखते हुये कई जिलों में नगर निकायों ने सड़कों पर पानी की बौछार करने, पेयजल की टंकियों को ट्रैक्टर ट्राली भेजने के प्रबंध किये हैं। नोएडा,गाजियाबाद,लखनऊ समेत कई इलाको में प्रतिष्ठित कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्राम होम की इजाजत दी है।
गर्मी के कारण विद्युत मांग में करीब डेढ़ गुने का इजाफा होने से बिजली विभाग हतप्रभ है। एयर कंडीशनर के बेतहाशा इस्तेमाल ने इस समस्या को और विकराल बना दिया है। ट्रांसफार्मरों की ओवर हीटिंग से बचाने के लिये अधिसंख्य इलाकों में सुबह से शाम तक अघोषित विद्युत कटौती की जा रही है। मौसम विभाग ने समूचे उत्तर प्रदेश में रात में भी तापमान बढ़ने और लू चलने के आसार व्यक्त किये गये है। बुधवार को बांदा लगातार चौथे दिन देश का सबसे गर्म जिला रहा जहां अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। प्रदेश के अधिसंख्य जिलों में पारा आमतौर पर सामान्य से चार डिग्री अधिक दर्ज किया गया।
प्रयागराज में अधिकतम तापमान 46.4, हमीरपुर में 46.2 डिग्री, झांसी 45.9 डिग्री, आगरा में 45.3 डिग्री और उरई में 45.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इसके अलावा राजधानी लखनऊ 43.2 डिग्री तापमान में तपी जबकि कानपुर में दिन का तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम के तल्ख तेवरों को देखते हुये राज्य के अधिसंख्य इलाकों में कक्षा 12 तक की कक्षायें स्थगित कर दी गयी है। मौसम विभाग द्वारा बुधवार को जारी पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों तक भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहने की संभावना है।
प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में 24 मई तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा तथा 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 20 से 24 मई के दौरान दिन के समय प्रदेश के अनेक जिलों में उष्ण लहर (लू) से भीषण उष्ण लहर चलने की आशंका है, जबकि कई स्थानों पर उष्ण रात्रि की स्थिति भी बनी रह सकती है। विभाग ने विशेष रूप से बुंदेलखंड, कानपुर मंडल, आगरा मंडल तथा पूर्वांचल के कई जिलों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, फतेहपुर, मिर्जापुर, वाराणसी, कानपुर नगर, आगरा, मथुरा, झांसी और ललितपुर सहित अनेक जिलों में भीषण लू की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया, सहारनपुर, मेरठ और बुलंदशहर समेत कई जिलों में सामान्य लू चलने की संभावना जताई गई है। 22 मई को भी बुंदेलखंड और पूर्वांचल के जिलों में भीषण गर्मी बनी रहने का अनुमान है। बांदा, प्रयागराज, प्रतापगढ़, वाराणसी, कानपुर नगर, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, झांसी और महोबा समेत कई जिलों में भीषण लू चल सकती है, जबकि देवरिया, अयोध्या, अंबेडकरनगर, मेरठ, गाजियाबाद और अलीगढ़ जैसे क्षेत्रों में लू का प्रभाव बना रहेगा।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भीषण गर्मी के कारण सभी आयु वर्ग के लोगों में हीट रैश, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से मजदूरों, किसानों, खनन श्रमिकों तथा लंबे समय तक धूप में काम करने वाले लोगों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पशुधन तथा खड़ी फसलों पर भी गर्मी का प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है। आईएमडी ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेने तथा ओआरएस, लस्सी, नींबू पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है। किसानों को शाम के समय हल्की सिंचाई करने और खेतों में नमी बनाए रखने के उपाय अपनाने को कहा गया है।

