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NEET पेपर लीक के तार अब NTA अधिकारी से जुड़े, ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे के जरिए परीक्षा से 6 दिन पहले आउट हुआ था प्रश्न पत्र

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नई दिल्ली, 18 मई। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की आंतरिक जांच रिपोर्ट से एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस पूरे घोटाले के तार अब सीधे परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था ‘नेशनल टेस्टिंग एजेंसी’ (NTA) के शीर्ष अधिकारियों से जुड़ते नजर आ रहे हैं। जांच के मुताबिक, पुणे से गिरफ्तार की गई ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे सीधे एक NTA अधिकारी के संपर्क में थी और उसी के जरिए परीक्षा से 6 दिन पहले यानी 27 अप्रैल को ही पेपर और उसके उत्तर लीक कर दिए गए थे।

अंदरूनी मिलीभगत के बिना लीक होना नामुमकिन

जांच एजेंसियों के अनुसार, NTA कार्यालय का वह हिस्सा जहाँ पेपर सेट किया जाता है, पूरी तरह ‘कॉन्फिडेंशियल’ (गोपनीय) होता है। वहां किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, मोबाइल या पेन तक ले जाने की सख्त मनाही होती है। ऐसे सुरक्षित क्षेत्र से पेपर का बाहर आना बिना किसी अंदरूनी अधिकारी की मिलीभगत के असंभव है। शक के दायरे में आए NTA अधिकारी वे हो सकते हैं, जिन पर एक्सपर्ट कमेटी बनाने से लेकर पेपर फाइनल करने तक की मुख्य जिम्मेदारी होती है।

दोनों सेट लीक होने की आशंका, बनाया गया था ‘मिक्स गेस पेपर’

CBI सूत्रों के मुताबिक, NEET परीक्षा के लिए तैयार किए गए दोनों सेट (मुख्य और रिजर्व पेपर) लीक किए गए थे। आरोपियों ने चालाकी दिखाते हुए दोनों सेटों के प्रश्नों को आपस में मिलाकर एक ‘गेस पेपर’ तैयार किया था। यही वजह है कि लीक हुए पेपर में कई सवाल और उनके विकल्प हूबहू परीक्षा के मुख्य पेपर से मैच कर रहे हैं। कुल 720 अंकों में से 600 अंकों के सवाल परीक्षा से पहले ही लीक हो चुके थे, जिसमें:

1-बायोलॉजी: सभी 90 सवाल मैच हुए।
2-केमिस्ट्री: 45 में से 35 सवाल मैच हुए।
3-फिजिक्स: 15 सवाल मैच हुए।

परीक्षा के तुरंत बाद जला दिए गए सबूत

जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और बॉटनी लेक्चरर मनीषा मांधरे ने मनीषा वाघमारे के कहने पर छात्रों की विशेष क्लास ली थी। इसके बदले आरोपियों को लाखों रुपये कैश और बैंक ट्रांसफर के जरिए मिले। धांधली को छिपाने के लिए 3 मई को परीक्षा समाप्त होते ही उस पेपर को जला दिया गया और वॉट्सएप व टेलीग्राम चैट्स समेत लैपटॉप का सारा डेटा डिलीट कर दिया गया। फिलहाल CBI इन डिजिटल सबूतों को रिकवर करने में जुटी है।

सरकार का कड़ा एक्शन: NTA में बड़ा फेरबदल

इस बड़े खुलासे और गड़बड़ी के बाद केंद्र सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर सख्त कदम उठाया है। डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DoPT) ने तत्काल प्रभाव से NTA में चार नए शीर्ष अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। इनमें अनुजा बापट और रुचिता विज को जॉइंट सेक्रेटरी, जबकि आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगड़िया को जॉइंट डायरेक्टर बनाया गया है। CBI अब इस पूरे नेटवर्क के मुख्य सूत्रधार और NTA के भीतर बैठे अधिकारियों तक पहुँचने के लिए अपनी जांच और तेज कर चुकी है।

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