Site icon hindi.revoi.in

क्रिकेट टीम को ‘टीम इंडिया’ कहने से रोकने की मांग वाली याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- न्यायिक समय की बर्बादी

Social Share

नई दिल्ली, 22 जनवरी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उस याचिका को ‘बेकार’ बताते हुए खारिज कर दिया, जिसमें सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती को बीसीसीआई की क्रिकेट टीम को ‘टीम इंडिया’ कहने से रोकने का अनुरोध किया गया था। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 8 अक्टूबर के आदेश को बरकरार रखा, जिसमें वकील रीपक कंसल की जनहित याचिका को खारिज कर दिया गया था।

पीठ ने कहा, ”आप बस घर बैठकर याचिका का मसौदा बनाना शुरू कर दें। इस सब में क्या दिक्कत है? अदालत पर बोझ न डालें।” याचिका में तर्क दिया गया था कि बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआई) को ‘टीम इंडिया’ या ‘भारतीय क्रिकेट टीम’ कहना जनता को गुमराह करता है और राष्ट्रीय प्रतीकों के इस्तेमाल से जुड़े कानूनों का उल्लंघन करता है। इसमें दावा किया गया कि एक निजी संस्था होने के नाते, बीसीसीआई को ‘टीम इंडिया’ नहीं कहा जाना चाहिए, ”खासकर तब जब भारत सरकार से कोई मंजूरी नहीं है।”

पीठ ने कहा, ”यह सरासर अदालत और आपके समय की बर्बादी है… यह क्या तर्क है? क्या आप कह रहे हैं कि टीम भारत का प्रतिनिधित्व नहीं करती? जो टीम हर जगह जाकर खेल रही है, वे उसके बारे में गुमराह कर रहे हैं? बीसीसीआई को भूल जाइए, अगर दूरदर्शन या कोई दूसरा प्राधिकार इसे टीम इंडिया के तौर पर दिखाए, तो क्या यह टीम इंडिया नहीं है?”

Exit mobile version