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टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा- ‘मेरी जवाबदेही चेंज रूम में मौजूद 30 लोगों के लिए है’

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अहमदाबाद, 8 मार्च। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने रविवार को कहा कि वह ड्रेसिंग रूम में मौजूद लोगों के प्रति ही जवाबदेह हैं और उन्होंने ICC टी20 विश्व कप में भारत की खिताबी जीत वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ को समर्पित की।

टी20 विश्व कप में भारत की खिताबी जीत वीवीएस लक्ष्मण व द्रविड़ को समर्पित

उल्लेखनीय है कि भारत ने यहां नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर टी20 विश्व कप जीता। इसके साथ ही भारतीय टीम तीन बार टी20 विश्व कप (2007, 2024 और 2026) जीतने वाली पहली टीम बन गई।

‘कोच टीम से बनता है, खिलाड़ियों ने मुझे वह कोच बनाया, जो मैं हूं’

गौतम गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘मेरी जवाबदेही सोशल मीडिया पर लोगों के लिए नहीं है। मेरी जवाबदेही उन 30 लोगों के लिए है, जो चेंज रूम में हैं। कोच टीम से बनता है। खिलाड़ियों ने मुझे वह कोच बनाया, जो मैं हूं।’

गंभीर ने कहा, ‘मैं यह ट्रॉफी राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को समर्पित करता हूं। राहुल भाई को भारतीय टीम को इस मुकाम तक लाने के लिए और लक्ष्मण को सीओई में खिलाड़ियों की पाइपलाइन बनाने के लिये।’

अजित अगरकर व जय शाह को भी दिया धन्यवाद

गौतम ने मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर और बीसीसीआई के पूर्व सचिव और आईसीसी के मौजूदा अध्यक्ष जय शाह को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘अजित अगरकर ने काफी आलोचना झेली और पूरी ईमानदारी से काम किया। जय भाई ने मेरे कार्यकाल के सबसे खराब दौर में मुझे फोन किया।’

‘सूर्या ने मेरा काम आसान कर दिया, वह पितातुल्य कप्तान की तरह है’

गंभीर ने कप्तान सूर्यकुमार यादव की तारीफ करते हुए कहा, ‘सूर्या ने मेरा काम आसान कर दिया। वह पितातुल्य कप्तान की तरह है। बड़ा लक्ष्य ट्रॉफी जीतना है, उपलब्धियां नहीं। हमने कई साल तक उपलब्धियों का जश्न मनाया। मैं आप लोगों से आग्रह करूंगा कि निजी उपलब्धियों का जश्न मनाना छोड़ें।’

कप्तान सूर्या ने भी गौतम गंभीर की तारीफ की

वहीं सूर्यकुमार ने कहा, ‘मैने गौतम गंभीर की कप्तानी में चार साल खेला (केकेआर के लिए)। हमारे बीच कभी बहस नहीं हुई क्योंकि साझा लक्ष्य टीम को जिताना था। हमारी दोस्ती ऐसे ही हुई। वह दो कदम चले और मैं दो कदम।’

उन्होंने कहा, ‘मैं यह नहीं कहूंगा कि सफेद गेंद का यह भारत का दौर है। ऐसा होता तो हम पिछली तीन में से दो वनडे सीरीज नहीं हारते। मैने भरोसे पर टीम चुनी, उम्मीद पर नहीं।’

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