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ICC टी20 विश्व कप : टीम इंडिया ने तीसरी खिताबी सफलता से रचे कई इतिहास, फाइनल में न्यूजीलैंड 96 रनों से पिटा

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अहमदाबाद, 8 मार्च। सूर्यकुमार यादव की अगुआई में उतरी टीम इंडिया रविवार की रात यहां सवा लाख दर्शकों से खचाखच भरे भव्य नरेंद्र मोदी स्टेडियम सहित 140 करोड़ भारतीय प्रशंसकों की आकांक्षाओं पर खरी उतरी और बल्लेबाजों व गेंदबाजों के समग्र प्रदर्शन के सहारे गत चैम्पियनों ने ICC टी20 विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर तीसरी बार खिताब जीतने के साथ ही कई इतिहास रच दिए।

संजू, अभिषेक, ईशान व शिवम ने भारत को फाइनल का सर्वोच्च स्कोर दिया

दरअसल, लगातार ‘मैन विनर’ साबित हो रहे ओपनर संजू सैमसन (89 रन, आठ छक्के, पांच चौके) व आखिरी मैच में फॉर्म में लौटे अभिषेक शर्मा (52 रन 21 गेंद, तीन छक्के, छह चौके) ने शुरुआत से ही ऐसा टैम्पो बनाया कि फिर मेजबानों ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। विस्फोटक संजू व अभिषेक के अलावा तीसरे क्रम पर उतरे ईशान किशन ने भी तूफानी पचासा (54 रन, 25 गेंद, चार छक्के, चार चौके) जड़ा तो अंतिम ओवर में शिवम दुबे (नाबाद 26 रन, आठ गेंद, दो छक्के, तीन चौके) ने गर्दा उड़ाया। इसका परिणाम यह हुआ कि भारत ने पांच विकेट पर 255 रन ठोक दिया, जो टी20 विश्व कप फाइनल का सर्वोच्च स्कोर बन गया।

अक्षर व बुमराह एंड कम्पनी ने कीवियों को 159 रनों पर समेटा

जवाबी काररवाई में जसप्रीत बूम बूम बुमराह (4-15) व अक्षर पटेल (3-27) ने शुरुआत में ही कीवियों को आघात दिया, जिससे वे उबर नहीं सके और ओपनर टिम साइफर्ट (52 रन, 26 गेंद, पांच छक्के, दो चौके) व कप्तान मिचेल सैंटनर (43 रन, 35 गेंद, दो छक्के, तीन चौके) की कोशिशों के बावजूद न्यूजीलैंड टीम 19 ओवरों में 159 रनों पर जा सिमटी।

भारतीय रणबांकुरों  ने रच दिए ये इतिहास   

टी20 विश्व कप के 10वें संस्करण में इस यादगार खिताबी सफलता के साथ ही भारतीय रणबांकुरों ने कई इतिहास रच दिए। मसलन वह लगातार दूसरी बार उपाधि जीतने वाली पहली टीम बनी तो पहल ही बार किसी टीम ने तीन बार (2007 व 2024) चैम्पियन का श्रेय हासिल किया। प्रतियोगिता के 19 वर्षों के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब किसी मेजबान टीम ने ट्रॉफी उठाई।

यही नहीं वरन चौथी बार फाइनल खेलने उतरे भारत ने टी20 विश्व कप में पहली बार न्यूजीलैंड को मात दी। पूर्व की तीन मुलाकातों में न्यूजीलैंड ही बीस छूटा था। सर्वाधिक उल्लेखनीय तथ्य तो यह है कि इस खिताबी सफलता से सवा दो वर्ष इसी स्टेडियम में मिली निराशा भी दूर हो गई, जब एक दिनी विश्व कप फाइनल में मेजबानों के ऑस्ट्रेलिया के हाथों मात खानी पड़ी थी। वहीं दूसरी बार फाइनल खेल रहे न्यूजीलैंड को फिर मायूसी हाथ लगी। इसके पूर्व 2021 में उसे दुबई में ऑस्ट्रेलिया से शिकस्त खानी पड़ी थी।

भारत ने पावरप्ले में 92 रनों का रिकॉर्ड बनाया

मुकाबले की बात करें तो टूर्नामेंट में कुल 321 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का अवार्ड ले उड़े संजू व अभिषेक ने शुरुआती दो ओवर के बाद चौकों व छक्कों की ऐसी झड़ी लगाई कि पूछिए ही मत। इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि पहली 12 गेंदों पर 12 रन बने और अगले चार ओवरों में 80 रन आ गए। यानी पावरप्ले खत्म हुआ तो 92 रन उड़ चुके थे। यह भारत का पावरप्ले में सर्वोच्च स्कोर था।

अभिषेक ने संजू संग 43 गेंदों पर ठोक दिए 98 रन

इस दौरान अभिषेक सिर्फ 18 गेंदों पर पचासा ठोक चुके थे। अंततः वामहस्त स्पिनर रचिन रवींद्र (1-32) ने आठवें ओवर में अभिषेक की पारी पर विराम लगाने के साथ संजू संग उनकी 43 गेंदों पर हुई 98 रनों की साझेदारी तोड़ी।

सैमसन व ईशान के बीच 48 गेंदों पर जुड़ गए 105 रन

अभिषेक के लौटने के बाद उतरे ईशान किशन ने भी सैमसन का उसी दमदारी से साथ निभाया और कीवी गेंदबाजों के खिलाफ जमकर प्रहार किए। इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि दोनों ने अर्धशतकीय प्रहारों के बीच 48 गेंदों पर 105 रन आ गए। इनमें सैमसन के बल्ले से तो यह नॉकआउट दौर में यह लगातार तीसरा बड़ा पचासा था।

नीशम ने एक ही ओवर में किशन, संजू व सूर्या को लौटा कर ब्रेक लगाया

इस क्रम में 15वां ओवर खत्म हुआ तो स्कोर 200 रनों तक जा पहुंचा था। उस समय प्रतीत हो रहा था कि टीम इंडिया पौने तीन सौ के करीब पहुंच सकती है। लेकिन तभी 16वां ओवर लेकर आए जेम्स नीशम (3-46) ने छह गेंदों के भीतर सिर्फ एक रन खर्च कर संजू, किशन व कप्तान सूर्या (0) को लौटा कर न सिर्फ स्टेडियम में खामोशी लाने की कोशिश की वरन रन गति पर तनिक अंकुश भी लगाया। इनमें सैमसन तो लगातार तीसरे मैच में शतक से तनिक दूर रह गए।

शिवम ने अंतिम ओवर में नीशम के खिलाफ 24 रन कूटे

एक ही ओवर में तीन विकेट गिरने का यह असर रहा कि 17वें से 19वें ओवर तक हार्दिक पंड्या (18 रन, 13 गेंद, एक छक्का, एक चौका) व तिलक वर्मा (नाबाद आठ रन, छह गेंद)  क्रमशः सात, नौ व 11 रन जोड़ सके। वहीं 19वें ओवर में पंड्या आउट को मैट हेनरी ने आउट भी कर दिया। गनीमत रही कि शिवम दुबे ने अंतिम ओवर में नीशम के खिलाफ सारी कसर निकाली और दो छक्के व तीन चौकों समेत 24 रन ठोकने के साथ दल को 255 रनों के सर्वोच्च स्कोर तक पहुंचा दिया।

कीवी पारी में साइफर्ट लगा सके इकलौता पचासा

कठिन लक्ष्य के समक्ष कीवी टीम उतरी तो तीसरे ही ओवर में फिन एलेन (नौ रन) को अक्षर ने लौटाकर ऐसा दबाव बनाया कि अगले तीन बल्लेबाज – रचिन रवींद्र (एक रन), ग्लेन फिलिप्स (पांच रन) व मार्क चैपमन (तीन रन) भी दहाई में नहीं पहुंच सके और बुमराह, पटेल व हार्दिक पंड्या (1-36) के शिकार हो गए। इस दौरान दूसरे छोर पर साइफर्ट अकेले खड़े नजर आए, जिन्होंने कई अच्छे प्रहार भी किए। अंततः वरुण चक्रवर्ती (1-39) ने नौवें ओवर में साइफर्ट की पारी पर विराम लगाया (5-70)।

सैंटनर व डेरिल मिचेल के बीच 52 रनों की सबसे बड़ी भागीदारी

हालांकि कप्तान सैंटनर व डेरिल मिचेल (17 रन, 11 गेंद, दो छक्के) ने कुछ जोर बांधा और 28 गेंदों पर 52 रनों की सबसे बड़ी साझेदारी की। लेकिन 13वें ओवर में अक्षर ने डेरिल मिचेल के रूप में अपना तीसरा शिकार कर भागीदारी तोड़ी तो फिर लाइन लग गई।

स्कोर कार्ड

‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बुमराह ने 16वें ओवर में जेम्स नीशम (आठ रन) व मैट हेनरी (0) को बोल्ड मारने के  बाद अपने अगले ओवर में सैंटनर को भी यार्कर पर परास्त कर दिया। वहीं 19वें ओवर की अंतिम गेंद पर अभिषेक (1-5) ने जैकब डफी (तीन रन) को निबटाकर पारी खत्म की। लॉकी फर्ग्युसन (नाबाद छह रन) मायूस लौटे।

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