कोलंबो, 13 फरवरी। सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट की नाबाद 64 रनों की पारी तथा तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी और ब्रैड इवांस की घातक गेंदबाजी की मदद से जिम्बाब्वे ने शुक्रवार को यहां पूर्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराकर टी20 विश्व कप में बड़ा उलटफेर किया। जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किए जाने के बाद दो विकेट पर 169 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम 19.3 ओवर में 146 रन पर ढेर हो गई। मुजरबानी ने 17 रन देकर चार और इवांस ने 23 रन देकर तीन विकेट लिए।
ऑस्ट्रेलिया की तरफ से केवल मैट रेनशॉ ही संघर्ष कर पाए। उन्होंने 44 गेंद पर 65 रन बनाए जिसमें पांच चौके और एक छक्का शामिल है। जिम्बाब्वे ने इससे पहले 2007 के टी20 विश्व कप में भी ऑस्ट्रेलिया को हराया था। चोटिल खिलाड़ियों की समस्या से जूझ रहे ऑस्ट्रेलिया के इस हार से समीकरण बिगड़ गए हैं जबकि जिम्बाब्वे लगातार दूसरी जीत से चार अंक के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। बेनेट ने 56 गेंदों पर सात चौके लगाकर जिम्बाब्वे के लिए मजबूत स्कोर की नींव रखी।
जिम्बाब्वे ने 15 ओवर तक एक विकेट पर 125 रन बना लिए थे लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम ओवरों में वापसी की और आखिरी पांच ओवरों में केवल 44 रन ही दिए। विकेटकीपर तादिवानाशे मारुमानी (35) और रयान बर्ल (35) ने भी उपयोगी योगदान दिया, जबकि कप्तान सिकंदर रजा 13 गेंदों पर 25 रन बनाकर नाबाद रहे। जिम्बाब्वे के विकेट बचे हुए थे और वह जोखिम भरे शॉट खेल सकता था लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। उसकी पूरी पारी में सिर्फ एक छक्का लगा।
ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने पहले पांच ओवर के अंदर ही 29 रन पर चार विकेट गंवा दिए। जोश इंग्लिश (08) में पारी के पहले ओवर में सिकंदर रजा पर छक्का लगाया। इस ओवर में 13 रन बने लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की पारी लड़खड़ा गई। मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए मुजरबानी ने पारी के दूसरे ओवर में अपनी पहली गेंद पर ही इंग्लिश को आउट कर दिया जबकि कैमरन ग्रीन और टिम डेविड खाता भी नहीं खोल पाए। इवांस ने ग्रीन को विकेट के पीछे कैच कराया जबकि मुजरबानी ने डेविड को आउट करके अपना दूसरा विकेट लिया।
विकेटों के पतन की कहानी यहीं पर नहीं रुकी तथा कार्यवाहक कप्तान ट्रैविस हेड (17) पांचवें ओवर में इवांस की गेंद को अपने विकेट पर खेल गए। ऑस्ट्रेलिया ने पावर प्ले में चार विकेट पर 38 रन बनाए। रेनशॉ और ग्लेन मैक्सवेल (32 गेंद पर 31 रन) ने इसके बाद विकेट बचाए रखने को प्राथमिकता दी और पांचवें विकेट के लिए 59 गेंद में 77 रन की साझेदारी की। ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 11 ओवर तक चार विकेट पर 72 रन था। मैक्सवेल ने इसके बाद वेलिंगटन मासकादजा पर छक्का लगाकर अपने हाथ खोले जबकि रेनशॉ ने भी इसी गेंदबाज के अगले ओवर में छक्का और चौका लगाया।
इसके बाद लेग स्पिनर रयान बर्ल ने गेंद थामी और अपने पहले ओवर में ही मैक्सवेल को बोल्ड करके ऑस्ट्रेलिया को करारा झटका दिया। मार्कस स्टोइनिस (06) ने चौका जड़कर खाता खोला लेकिन मासकादजा ने उन्हें अगले ओवर में पवेलियन की राह दिखा दी। मुजरबानी ने इसके बाद रेनशॉ को मिड ऑफ पर कैच कराकर ऑस्ट्रेलिया की सही उम्मीद को भी समाप्त कर दिया। ऑस्ट्रेलिया ने अपने आखिरी चार विकेट 12 गेंद के अंदर गंवाए। इससे पहले पैट कमिंस और जोश हेज़लवुड जैसे खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण में शुरुआत में धार की कमी दिखी और जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने इसका फायदा उठाया।
जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने एडम जांपा का भी अच्छी तरह से सामना किया। जांपा ने अपने चार ओवरों में 31 रन दिए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। पहले बल्लेबाजी का न्यौता अपने वाले जिम्बाब्वे की पारी का मुख्य आकर्षण मारुमानी और बेनेट के बीच पहले विकेट के लिए 7.3 ओवरों में 61 रन की साझेदारी थी। मारुमनी ने धीमी शुरुआत के बाद तीसरे ओवर में बेन ड्वार्शियस की गेंदों पर दो चौके और चौथे ओवर में ग्लेन मैक्सवेल पर तीन चौके लगाए।
मैथ्यू कुहनेमैन के पांचवें ओवर में बेनेट ने दो चौके लगाए जिससे जिम्बाब्वे ने पावर प्ले में बिना किसी नुकसान के 47 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया को आठवें ओवर में सफलता मिली जब स्टोइनिस ने मारुमानी को आउट किया। स्टोइनिस 16वें ओवर में अपनी ही गेंद पर बर्ल का कैच लेने की कोशिश में चोटिल हो गए और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। ग्रीन ने 16वां ओवर पूरा किया और यह उनके लिए भाग्यशाली साबित हुआ, क्योंकि बर्ल आखिरी गेंद पर आउट हो गए।

