मुंबई, 10 फरवरी। सुनेत्रा पवार ने मंगलवार को मुंबई स्थित मंत्रालय में महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में आधिकारिक तौर पर पदभार ग्रहण किया। वह राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनी हैं। 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में उनके पति एवं उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन के बाद 31 जनवरी को उन्हें पद की शपथ दिलायी गयी थी। पदभार ग्रहण करते समय उनके साथ पुत्र पार्थ पवार, वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, श्री छगन भुजबल सहित पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे।
अपने पहले आधिकारिक दिन की शुरुआत सुनेत्रा पवार ने मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में पूजा-अर्चना कर की। इसके बाद उन्होंने मध्य मुंबई के दादर स्थित चैत्यभूमि पहुंचकर भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने संविधान निर्माता की स्मृति में पुष्पांजलि अर्पित कर कुछ क्षण मौन भी रखा। वह बाद में मुंबई स्थित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) कार्यालय पहुंचीं, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस दौरान उन्होंने अपने दिवंगत पति अजीत पवार को श्रद्धांजलि दी। समर्थकों ने नारे लगाकर उनके प्रति समर्थन और एकजुटता व्यक्त की। हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में श्रीमती पवार को राज्य उत्पाद शुल्क, खेल और अल्पसंख्यक विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा उन्हें पुणे और बीड जिलों का संरक्षक मंत्री भी नियुक्त किया गया है, जिसके तहत वे इन दोनों क्षेत्रों के विकास और प्रशासनिक समन्वय की निगरानी करेंगी।
आम लोगों की उम्मीदों के साथ न्याय करूंगी- डिप्टी सीएम
सुनेत्रा पवार ने पोस्ट में आगे लिखा, “दादा के काम करने के तरीके, उनके फैसले लेने की क्षमता और लोगों के साथ उनके गहरे रिश्ते से ताकत लेते हुए मैं इस रास्ते पर आगे बढ़ूंगी। मेरी सबसे पहली प्राथमिकता उनके अधूरे सपनों को पूरा करना और किसानों, महिलाओं, युवाओं और आम लोगों की उम्मीदों के साथ न्याय करना होगा।”
दादा की जगह कोई नहीं ले सकता- सुनेत्रा
डिप्टी सीएम ने लिखा, “दादा की जगह कोई नहीं ले सकता, लेकिन मैं उनके आदर्शों की विरासत को बनाए रखने और एक ज्यादा काबिल महाराष्ट्र बनाने की ईमानदारी से कोशिश जरूर करूंगी। इस मुश्किल समय में, लोगों ने मुझे जो प्यार, सपोर्ट और भरोसा दिया है, वही मेरी असली ताकत है। आज, उनकी याद में, मैं एक पक्का वादा करती हूं कि मैं महाराष्ट्र की भलाई के लिए पूरी वफादारी और लगन से काम करती रहूंगी।”

