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यूपी में आंधी-बारिश का कहर : ओलावृष्टि व बिजली गिरने के कारण 26 जिलों में अब तक 111 लोगों की मौत, 72 घायल

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लखनऊ, 14 मई। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को आंधी-बारिश के कहर से जान-माल की भारी क्षति हुई है। इस क्रम में गुरुवार को देर शाम राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी किए गए बयान के अनुसार तूफान व भारी बारिश के कारण सैकड़ों पेड़ व बिजली के खंभे उखड़ गये, मकानों को नुकसान पहुंचा। इस दौरान ओलावृष्टि व बिजली गरने की घटनाओं में कम से कम 111 लोगों की मौत हो गई और 72 अन्य घायल हो गए।

प्राकृतिक विपदा में 170 पशु मरे और 227 घरों को नुकसान

राहत आयुक्त कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘13 मई को खराब मौसम, तूफान, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने के कारण 26 जिलों से 111 लोगों की मौत की खबरें मिलीं। राज्य में 72 लोग घायल हुए, 170 पशु हानि और 227 घरों को नुकसान हुआ।’

सीएम योगी का 24 घंटे में प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने का निर्देश

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्राकृतिक विपदा से जानमाल की हानि और क्षति का संज्ञान लिया तथा अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने का निर्देश दिया। सीएम योगी ने सभी संभागीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को घटनाओं को ‘पूरी संवेदनशीलता के साथ’ सत्यापित करने और प्रभावित परिवारों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। राहत आयुक्त कार्यालय ने कहा कि वह जिला अधिकारियों के साथ सीधे समन्वय के माध्यम से स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है और जिलों को आवश्यक धन उपलब्ध कराया जा रहा है।

सीएम योगी ने जिलाधिकारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और पीड़ितों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए और बीमा कम्पनियों के साथ-साथ राजस्व और कृषि विभाग को नुकसान का सर्वेक्षण करने और सरकार को रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया।

मृतकों के परिजनों को अनुमन्य 4 लाख रुपये की राहत राशि तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने आपदा में दिवंगत व्यक्तियों के परिजनों को अनुमन्य चार लाख रुपये की राहत राशि तत्काल वितरित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पशुहानि पर प्रभावितों को अनुमन्य सहायता दिए जाने के निर्देश भी दिए हैं। सीएम योगी ने राहत आयुक्त कार्यालय (नियंत्रण कक्ष) को निरंतर क्रियाशील रखते हुए राहत एवं सहायता कार्यों की सतत निगरानी के भी निर्देश दिए।

एक सरकारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित जनपदों के प्रभारी मंत्रियों से अपेक्षा की है कि वे अपने प्रभार वाले जनपदों में तत्काल पहुंचकर राहत कार्यों का निगरानी करते हुए इनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराएं। कार्यों के सम्बन्ध में यदि शासन स्तर से किसी अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता हो, तो संबंधित मंत्री तत्काल अवगत कराएं, ताकि प्राथमिकता पर व्यवस्था की जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार आपदा प्रभावित लोगों के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। उन्होंने आपदा प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों को अविलम्ब सहायता पहुंचाने के निर्देश देते हुए कहा है कि बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं का प्राथमिकता के आधार पर सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था की जाए।

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