मुंबई, 23 जुलाई। भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 200 अंक से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 23,950 के स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 9:21 बजे बीएसई सेंसेक्स 208 अंक (0.27%) की गिरावट के साथ 76,553 और एनएसई निफ्टी 51 अंक (0.22%) टूटकर 23,941 पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक दबाव फार्मा शेयरों पर देखने को मिला। निफ्टी फार्मा इंडेक्स 0.81 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। बाजार विशेषज्ञ इसकी प्रमुख वजह अमेरिका की ओर से टैरिफ संबंधी घोषणा को मान रहे हैं।
इसके अलावा निफ्टी रियल्टी, आईटी, ऑयल एंड गैस, सर्विसेज, प्राइवेट बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, पीएसई, इंफ्रा और कमोडिटीज सेक्टर भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं ऑटो, मेटल, मीडिया, एफएमसीजी, डिफेंस और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में हल्की बढ़त देखने को मिली।
सेंसेक्स के शेयरों में ट्रेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), आईसीआईसीआई बैंक और पावर ग्रिड बढ़त में रहे। जबकि इन्फोसिस, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, एनटीपीसी, टाटा स्टील, एसबीआई, टीसीएस, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, सन फार्मा, भारती एयरटेल, टाइटन, एचसीएल टेक और कोटक महिंद्रा बैंक में गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 152 अंक गिरकर 62,142 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 33 अंक टूटकर 19,097 पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक बाजारों की बात करें तो टोक्यो, हांगकांग, सोल और जकार्ता के बाजारों में बढ़त रही, जबकि शंघाई में गिरावट दर्ज की गई। वहीं अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को कमजोर बंद हुए। डाओ जोंस लगभग सपाट रहा, जबकि नैस्डैक 0.57 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, ईरान-अमेरिका तनाव और लाल सागर में हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमले के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय हैं, जिससे निवेशकों की धारणा पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।

