मुंबई, 13 अप्रैल। दो हफ्ते के लिए हुए युद्ध विराम के दौरान अमेरिका व ईरान के बीच इस्लामाबाद में समझौता वार्ता की विफलता का वैश्विक बाजार पर विपरीत असर पड़ा और कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई। इस वैश्विक तनाव से भारतीय शेयर बाजार में अछूता नहीं रह सका और कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को दोनों बेंचमार्क इंडेक्स बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स जहां 703 अंक लुढ़क गया वहीं एनएसई निफ्टी 208 अंकों की कमजोरी से 23,900 के नीचे चला गया।
सेंसेक्स 0.91 प्रतिशत टूटकर 76,847.57 अंक पर बंद
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 702.68 अंक यानी 0.91 प्रतिशत टूटकर 76,847.57 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह एक समय 1,681.93 अंक लुढ़क कर 75,868.32 अंक पर आ गया था। लेकिन दिन चढ़ने के साथ इसमें काफी हद तक रिकवरी देखने को मिली। सेंसेक्स से संबद्ध कम्पनियों मे 27 के शेयर लाल निशान पर ठहरे जबकि तीन में मजबूती रही।
निफ्टी 207.95 अंकों की गिरावट से 23,842.65 पर बंद
वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी भी 207.95 अंक यानी 0.86 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,842.65 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी से संबद्ध कम्पनियों में 12 के शेयर लाभ में रहे तो 38 में गिरावट दर्ज की गई। व्यापक बाजार में बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.82 प्रतिशत और स्मॉलकैप में 0.33 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
मारुति के स्टॉक सबसे ज्यादा 4.61 फीसदी कमजोर
सेंसेक्स समूह की कम्पनियों में मारुति के स्टॉक सबसे ज्यादा 4.61 फीसदी कमजोर हुए। इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फाइनेंस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और एचडीएफसी बैंक भी प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। दूसरी तरफ लाभ में रहने वाली शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी और एक्सिस बैंक शामिल हैं।
एफआईआई ने 672.09 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे
वैसे शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने लगातार बिकवाली के बाद शुक्रवार को 672.09 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 7.73 प्रतिशत बढ़कर 102.6 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

