श्रीनगर, 25 जनवरी। कश्मीर घाटी में भारी हिमपात के दो दिन बाद श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे को ट्रैफिक के लिए फिर खोल दिया गया है और हाईवे पर फंसे वाहनों को पहले निकलने दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि गत 23 जनवरी को नवयुग टनल के दोनों तरफ भारी बर्फबारी के कारण श्रीनगर-जम्मू हाईवे बंद कर दिया गया था।
श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन फिर शुरू
उधर एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बर्फ हटाने का काम जारी रहने के साथ ही फ्लाइट ऑपरेशन फिर से शुरू हो गया है और दिल्ली में विमान चालकों के कारण रद हुईं तीन फ्लाइट्स को छोड़कर, रविवार को एयरपोर्ट पर सामान्य ऑपरेशन फिर से शुरू हो गया।
श्रीनगर-लेह हाईवे सहित कुछ सड़कें अब भी बंद
ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर-लेह हाईवे, मुगल रोड और सिंथन और रजदान पास से गुजरने वाली सड़कें अब भी बंद हैं और यात्रा करने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे ट्रैफिक विभाग कंट्रोल रूम से संपर्क किए बिना इन सड़कों पर यात्रा नहीं करें।
26-27 जनवरी को कुछ जगहों पर बर्फबारी और बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने 26 जनवरी से 27 जनवरी तक केंद्र शासित प्रदेश में कुछ जगहों पर हल्की बारिश और बर्फबारी, ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी, कुछ जगहों पर मध्यम से भारी बारिश/बर्फबारी और कुछ जगहों पर गरज/तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान लगाया है।
किसानों को 28 जनवरी तक खेती बंद करने की सलाह
वहीं, किसानों को 28 जनवरी तक खेती का काम बंद करने की सलाह दी गई है। आम तौर पर, बर्फ से ढके ऊंचे इलाकों में रहने वाले लोगों को ढलान वाले और हिमस्खलन वाले इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है। श्रीनगर शहर में न्यूनतम तापमान माइनस 1.6 डिग्री सेल्सियस, गुलमर्ग में माइनस 10.2 और पहलगाम में माइनस 6.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जम्मू शहर में न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री सेल्सियस, कटरा शहर में 6.2, बटोटे में माइनस 0.1, बनिहाल में माइनस 2 और भद्रवाह में माइनस 4 डिग्री सेल्सियस रहा।
30 जनवरी को खत्म होगा ‘चिल्ला कलां’
लंबे समय तक सूखे के बाद हाल ही में हुई बर्फबारी ने किसानों, बागवानों और आम लोगों की चिंताओं को दूर कर दिया है क्योंकि पहाड़ों पर भारी बर्फबारी से गर्मियों के महीनों में नदियों, झरनों, कुओं और झीलों में पानी बना रहेगा।
घाटी के मैदानी इलाकों में इस मौसम की पहली बर्फबारी 23 जनवरी को हुई। कड़ाके की ठंड का 40 दिनों का समय, जिसे स्थानीय भाषा में ‘चिल्ला कलां’ कहा जाता है, 21 दिसम्बर को शुरू हुआ और 30 जनवरी को खत्म होगा।

