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बिहार में बड़े सियासी उलटफेर की अटकलें : नीतीश जाएंगे राज्यसभा, बेटे निशांत बनेंगे डिप्टी सीएम?

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पटना, 4 मार्च। एकतरफ आमजन का मिजाजा होलियाना रंग में डूबा हुआ है तो दूसरी ओर बिहार में बड़े सियासी उलटफेर की अटकले तेज हो चुकी हैं। इस क्रम में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (JDU) सूत्रों का कहना है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजा जा सकता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री पद की कमान कौन संभालेगा?

जेडीयू सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार ने राज्सभा सीट के लिए नामांकन की तैयारी कर ली है। पार्टी ने नीतीश के नामांकन के लिए सारे पेपर तैयार कर लिए हैं और वो गुरुवार को नामांकन करेंगे। खबर यह भी है कि नीतीश कुमार 16 मार्च के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव होने तक वह बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में 89 सीटों के साथ भाजपा ने अपना दबदबा कायम किया था जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू 85 सीटें जीतकर दूसरे नंबर पर रही थी। एनडीए गठबंधन में चिराग पासवान की पार्टी (LJP-RV), जीतन राम मांझी की HAM और उपेंद्र कुशवाहा की RLM का भी योगदान रहा।

अब जो तस्वीर उभरी है, उससे साफ है कि बिहार की सत्ता में भाजपा का दबदबा सर्वोपरि है। यही वजह है कि नीतीश कुमार के बाद राज्य की कमान भाजपा के पास जा सकती है। यदि ऐसा होता है, तो बिहार के इतिहास में यह एक बड़ा मोड़ होगा, क्योंकि लंबे समय बाद भाजपा का अपना कोई नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेगा।

डिप्टी सीएम बनेंगे निशांत कुमार!

इस बीच वरिष्ठ जेडीयू नेता और बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि निशांत कुमार के राजनीति में प्रवेश की पुष्टि हो गई है और पार्टी जल्द ही औपचारिक घोषणा करेगी। उन्होंने कहा, ‘होली के अवसर पर मैं यह बताना चाहता हूं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर राजनीति तेज है।’

सूत्रों की मानें तो निशांत कुमार को भी अहम जिम्मेदारी मिलने वाली है। उन्हें बिहार का डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। हालांकि जेडीयू या एनडीए गठबंधन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन निशांत के नाम को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

इन्हीं अटकलों को बल देते हुए JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा बुधवार को दिल्ली से पटना पहुंचे और नीतीश कुमार के साथ बंद कमरे में एक लंबी बैठक की। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह के, जिन्हें ललन सिंह के नाम से भी जाना जाता है, भी दिल्ली से पटना पहुंचने की खबर है।

एक व्यक्ति, दो सदन का सदस्य नहीं हो सकता

दरअसल, भारत का संविधान कहता है कि कोई भी व्यक्ति एक साथ दो सदनों का सदस्य नहीं रह सकता। नीतीश कुमार अभी बिहार विधानसभा के सदस्य हैं और राज्य के मुख्यमंत्री हैं। यदि वह राज्यसभा जाते हैं तो उन्हें बिहार विधानसभा से अपनी सदस्यता खत्म करनी होगी और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा।

मुख्यमंत्री का इस्ताफा मतलब पूरे मंत्रिपरिषद का इस्तीफा

यदि मुख्यमंत्री अपने पद से इस्तीफा देता है तो तकनीकी रूप से पूरे मंत्रिपरिषद का इस्तीफा माना जाता है। इसीलिए पद खाली होने के बाद सत्ताधारी गठबंधन (NDA) को फिर से अपना नया नेता चुनना होता है। यह नेता भाजपा और जेडीयू में किसी एक का सकता है।

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